आसनसोल:  पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ बीजेपी सरकार के नौंवे मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने गुरुवार को विधानसभा में विरोधी दल के नेता एवं तृणमूल कांग्रेस विधायक शोभन देव चट्टोपाध्याय के उठाए गए सवालों के जबाव में कहा कि पुलिस घर छोड़कर भागे तृणमूल कांग्रेस कर्मी को ससम्मान घर वापस लाएगी, परन्तु जो लोग 2021 के विधानसभा निर्वाचन के बाद हिंसा को अंजाम दिए है, ऐसे तृणमूल नेताओं, कर्मियों एवं अन्य किसी को भी जिन्होंने चुनावी हिंसा में शामिल थे, उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि घर छोड़कर भागे तृणमूल कांग्रेस नेता एवं कर्मी की तालिका दीजिए, उन्हें घर वापस लाया जाएगा। परन्तु चुनावी हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के कड़े निर्देश के बाद पश्चिम बर्दवान जिले में भी पुलिस-प्रशासन 2021 के विधानसभा निर्वाचन में राजनीतिक हिंसा को अंजाम देने वाले आरोपियों के विरुद्ध कार्यवायी शुरु कर दी है। बाराबनी ब्लाॅक के तृणमूल कांग्रेस नेता एवं बाराबनी पंचायत समिति के कर्माध्यक्ष सुकुमार साधू, सिविक वाॅलेंटियर देवाशीष गोप, उत्तम मंडल, दीनबंधू माजी, साजिद खान एवं शिबेन घांटी को बाराबनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
 इनके उपर 2021 के विधानसभा निर्वाचन के पश्चात चुनावी हिंसा को अंजाम देने का आरोपी बनाया गया है। केवल इतना ही नहीं जबरन व्यापारियों से रंगदारी टैक्स वसूलने के आरोपी पश्चिम बर्दवान जिला परिषद के मेंटर कंचन मित्रा को गिरफ्तार किया गया है। इनके साथ मोहम्मद मुजाफिर हुसैन को भी गिरफ्तार किया गया है। कंचन मित्रा पर ईसीएल के विभिन्न कोलियरियों में डीओ कोयला व्यापारियों से लोडिंग और लिफ्टिंग के नाम पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है। अंडाल थाने में रानीगंज कोल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने लिखित शिकायत दर्ज की थी। जिस पर तत्काल कार्यवायी करते हुए पुलिस ने कंचन मित्रा को भी गिरफ्तार किया। इसके पूर्व लिफ्टिंग के नाम पर दादागिरी टैक्स वसूलने के आरोप में बिजय सिंह और मुन्ना सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि डीओ कोयला व्यापारियों के शिकायत के आधार पर अंडाल, जामुड़िया, लाउदोहा, पाण्डेश्वर थाने की पुलिस अपने-अपने इलाके में अभियान चलाकर रंगदारी टैक्स वसूलने वालों के खिलाफ कार्यवाही कर उनको गिरफ्तार कर रही है।