कूचबिहार :- कूचबिहार के मेखलीगंज में भारत-बांग्लादेश सीमा पर शनिवार को उस वक्त तनाव फैल गया जब सानियाजान नदी से बालू-पत्थर की तस्करी कर रहे बांग्लादेशी बदमाशों ने BSF जवानों पर हमला कर दिया। जवाब में आत्मरक्षा में BSF ने एक राउंड ग्रेनेड फायर किया, जिसके बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें चीख-पुकार और गाली-गलौज सुनाई दे रही है। अभी तक BSF की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
जानकारी के मुताबिक मेखलीगंज से होकर ही सीमा की कंटीली बाड़ गई है और भारतीय भूभाग से सानियाजान नदी बहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस नदी से लगातार बालू-पत्थर खन कर बांग्लादेश ले जाया जाता है। BSF कई बार रोकती है लेकिन तस्करी रुक नहीं रही है। शनिवार को भी 40 से 50 बांग्लादेशी बदमाश नदी में खनन कर रहे थे। BSF ने रोकने की कोशिश की तो वे लाठी-डंडों और हथियारों के साथ BSF पर ही टूट पड़े।
स्थानीय निवासी प्रशांत कुमार रॉय ने बताया, मोटे तौर पर 40-50 बदमाश नदी में खनन कर रहे थे, पत्थर उठा रहे थे। BSF ने बाधा देने की कोशिश की लेकिन वे माने नहीं, बल्कि BSF पर अचानक हमला कर दिया। इसके बाद BSF ने एक राउंड ग्रेनेड फायर किया, तब जाकर वे भागे। स्थानीय लोगों में दहशत है, उनका कहना है कि लंबे समय से बांग्लादेशी बदमाशों का आतंक है, भारतीय किसानों की फसल काट ले जाना और नदी से बालू-पत्थर चोरी आम बात हो गई है।
इस घटना को लेकर मेखलीगंज के विधायक दधिराम रॉय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, यह घटना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। बांग्लादेशी घुसपैठिए और तस्कर अब हमारे जवानों पर हमला करने की हिम्मत कर रहे हैं। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। उन्होंने कहा कि जब से राज्य में भाजपा की सरकार बनी है तब से भारत बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और तस्करी में काफी कमी आई है क्योंकि बीएसएफ के जवान पूरी तरह से चौकस हैं।




0 Comments