आसनसोल :- पंचायत मंत्री प्रदीप मजुमदार ने कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता मतदाताओं के साथ खड़े हैं और विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया में उनकी हर समस्या का समाधान कर रहे हैं। बर्नपुर और कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एसआईआर को लेकर बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मंत्री ने कहा कि भाजपा द्वारा नियुक्त निर्वाचन आयोग लगातार विभिन्न निर्देश जारी करके मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है और भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है। उन्होंने मतदाताओं को आश्वासन दिया कि किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटने नहीं दिया जाएगा। इस बैठक में पश्चिम बर्दवान जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती व पूर्व विधायक उज्ज्वल चटर्जी भी उपस्थित रहे।
मंत्री प्रदीप मजुमदार ने कहा कि भाजपा समर्थक निर्वाचन आयोग मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने का काम शुरू से ही कर रहा है। उन्होंने अपनी विधानसभा दुर्गापुर पूर्व के एक उदाहरण का हवाला देते हुए बताया कि एक बूथ में 241 मतदाताओं के नाम निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर मौजूद ही नहीं हैं, जबकि इनका नाम 2002 की मतदाता सूची में दर्ज है और उन्होंने उस वर्ष मतदान भी किया था।तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर पश्चिम बर्दवान जिले के वॉर रूम की जिम्मेदारी संभाल रहे पंचायत मंत्री ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे मतदाताओं को फॉर्म भरने में पूर्ण सहायता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई समस्या आती है, तो उन्हें तृणमूल कांग्रेस के शिविरों में या कार्यकर्ताओं के माध्यम से सहायता प्राप्त करनी चाहिए।मंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग बार-बार निर्देश बदलकर मतदाताओं पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है, जिसका एकमात्र उद्देश्य मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाना है। लेकिन तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा दिन-रात की मेहनत के कारण यह प्रयास सफल नहीं होगा। मंत्री प्रदीप मजुमदार ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि फॉर्म भरने और जमा करने में किसी प्रकार का भय न पालें। उन्होंने कहा कि पार्टी के राज्य स्तरीय कार्यालय को प्रतिदिन कार्य की प्रगति की जानकारी दी जाती है और सभी संभावित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में पश्चिमी बर्धमान जिले की नौ विधानसभा सीटों में से तीन सीटों पर तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। इस पृष्ठभूमि में एसआईआर प्रक्रिया को पार्टी एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक चुनौती के रूप में ले रही है और मतदाता सूची को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक प्रयास कर रही है।

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