रानीगंज :- नए साल के पहले सप्ताह में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की रानीगंज थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 2 ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है जिसने पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में 25 से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। इस पूरे मामले में अब तक कुल दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें मुख्य आरोपी आशराफुल मंडल और चोरी का सामान खरीदने वाला नाजीमुल मंडल शामिल है। हैरानी की बात यह है कि लाखों रुपये की चोरी करने के बाद आरोपी ने सारा पैसा जुए में हार दिया, जिसका अफसोस उसने खुद जाहिर किया है।
इस गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। रानीगंज थाना प्रभारी विकास दत्त के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तर 24 परगना के अशोकनगर से 30 वर्षीय आशराफुल मंडल को दबोचा। आरोपी तक पहुँचने में सीसीटीवी फुटेज ने अहम भूमिका निभाई, जिसमें चोर द्वारा पहनी गई एक विशेष 'गेंजी' (टी-शर्ट) से उसकी पहचान संभव हो सकी। पुलिस ने राज्य के विभिन्न थानों के साथ जानकारी साझा की और अंततः 22 दिसंबर को उसे पकड़ने में कामयाबी हासिल की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने 20 मार्च 2024 को जगन्नाथ गार्डन निवासी उमेश दुकानिया के यहाँ से 20 लाख रुपये और 23 अक्टूबर 2025 को कालितला निवासी समीर कुंडू के घर से नकदी व गहनों की चोरी की थी।
पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर देउगंगा निवासी नाजीमुल मंडल को भी गिरफ्तार किया और उसके पास से चोरी के कुछ सामान व गहने बरामद किए हैं। थाना प्रभारी विकास दत्त ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में हुई 29 चोरी की घटनाओं में से 23 मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आरोपी आशराफुल एक बेहद पेशेवर अपराधी है जो 350 किलोमीटर दूर से आकर वारदातों को अंजाम देता था। रविवार को कोर्ट ले जाते समय आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि लाखों की चोरी के बावजूद उसके पास कुछ नहीं बचा क्योंकि उसने सब कुछ जुए में लुटा दिया।



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