बांकुड़ा :- बांकुड़ा जिले के सोनामुखी स्थित दामोदर नदी के तट पर उस समय हड़कंप मच गया, जब नदी की रेत हटने के बाद दूसरे विश्वयुद्ध काल के दो शक्तिशाली मोर्टार शेल बरामद किए गए। सोनामुखी थाना अंतर्गत डिहीपाड़ा ग्राम पंचायत के 17 नंबर बालू घाट पर खनन के दौरान स्थानीय मजदूरों की नजर इन विशाल लोहे की वस्तुओं पर पड़ी। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। मोर्टार शेल मिलने से स्थानीय लोगों में कौतूहल के साथ-साथ भारी दहशत का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही सोनामुखी थाने की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। पुलिस ने नदी तट पर आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दामोदर नदी के जलस्तर में आई गिरावट के कारण लंबे समय से रेत के नीचे दबे ये मोर्टार शेल सतह पर आ गए। विशेषज्ञों का प्रारंभिक अनुमान है कि ये मोर्टार शेल द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के हैं और अभी भी सक्रिय एवं विस्फोटक अवस्था में हो सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना और बम निरोधक दस्ते को तत्काल सूचित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि सोनामुखी और आसपास के इलाकों में मोर्टार शेल मिलने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले साल 2024 में भी इसी क्षेत्र से एक मोर्टार शेल मिला था। वहीं, 2010 में पूर्व बर्धमान के मसाग्राम से तीन और 2015 में पात्रसायर के शालखाड़ा इलाके से चार मोर्टार शेल बरामद किए गए थे। हर बार की तरह इस बार भी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विशेषज्ञों द्वारा इन्हें सुरक्षित घेरे में रखा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बम निरोधक दस्ता जल्द ही नियंत्रित विस्फोट के जरिए इन्हें निष्क्रिय कर देगा ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को टाला जा सके।



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