कोलकाता :- पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्य की महिलाओं के लिए बड़ा दांव चला है। गुरुवार को पेश किए गए राज्य बजट में वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता में 500 रुपये की बढ़ोतरी का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा। इस घोषणा की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बढ़ी हुई राशि का लाभ इसी फरवरी महीने से ही मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले ही करोड़ों महिलाओं के बैंक खातों में अतिरिक्त धन राशि पहुँच जाएगी। सरकार के इस कदम से सामान्य वर्ग की महिलाओं को अब 1000 के स्थान पर 1500 रुपये और अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग की महिलाओं को 1200 के बजाय 1700 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
वित्त मंत्री ने विधानसभा में जानकारी दी कि वर्तमान में इस योजना से 2 करोड़ 21 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं और जल्द ही 20 लाख से अधिक नए आवेदकों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इस बड़े वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए बजट में 15 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस योजना की शुरुआत महज 500 रुपये से की थी, जो अब बढ़कर तीन गुना हो चुकी है। यह योजना 25 से 60 वर्ष की महिलाओं को कवर करती है, जिसके बाद उन्हें वृद्धावस्था पेंशन के माध्यम से सहायता जारी रहती है।
चुनावी वर्ष के इस आखिरी पूर्ण बजट में सरकार ने समाज के अन्य वर्गों को भी साधने की कोशिश की है। राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में 1000 रुपये का इजाफा किया गया है। इसके अलावा, बेरोजगार युवाओं के लिए भी 'भविष्य' की योजना तैयार की गई है, जिसके तहत सत्ता में वापसी पर माध्यमिक पास युवाओं को अगस्त से 1500 रुपये मासिक सहायता देने का वादा किया गया है। कुल मिलाकर, 'लक्ष्मी भंडार' की राशि में तत्काल वृद्धि और अन्य लोकलुभावन घोषणाओं के जरिए तृणमूल कांग्रेस ने आगामी चुनावों के लिए अपनी पिच तैयार कर ली है।

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