Kulti में BJP की सेंधमारी के बाद TMC का पलटवार, 350 कार्यकर्ताओं ने बदला पाला

आसनसोल :- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक पाला बदलने का खेल चरम पर पहुँच गया है। आसनसोल का कुल्टी विधानसभा क्षेत्र इस समय सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शक्ति प्रदर्शन का मुख्य अखाड़ा बना हुआ है। महज 48 घंटों के भीतर यहाँ की राजनीति ने दो बड़ी करवटें ली हैं, जिससे क्षेत्र का सियासी पारा चढ़ गया है।

दो दिन पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में निकाली गई 'परिवर्तन यात्रा' ने तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका दिया था। उस दौरान कुल्टी में तृणमूल के दिग्गज नेता बिरेश्वर आचार्य समेत विभिन्न दलों के लगभग 500 कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा ने इसे अपनी बड़ी सांगठनिक जीत बताते हुए तृणमूल के किले में सेंधमारी करार दिया था। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इस झटके से उबरते हुए रविवार को उसी स्थान पर जवाबी सभा कर अपना दम दिखाया। राज्य के मंत्री मलय घटक की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा और अन्य दलों के करीब 350 कार्यकर्ताओं ने तृणमूल का झंडा थाम लिया। सूत्रों की मानें तो भाजपा की सफल सभा के बाद तृणमूल के राज्य नेतृत्व ने जिला इकाई पर जवाबी कार्रवाई का भारी दबाव बनाया था, जिसके बाद यह मेगा जॉइनिंग कराई गई।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आसनसोल-कुल्टी बेल्ट में मलय घटक और शमिक भट्टाचार्य जैसे कद्दावर नेताओं की सक्रियता स्पष्ट करती है कि आगामी चुनाव में एक-एक कार्यकर्ता की पकड़ कितनी अहम होने वाली है। दलबदल का यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, दोनों ही दल इस "नहले पर दहला" वाली राजनीति के जरिए मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की कोशिश में जुटे हैं।


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