नई दिल्ली :- पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हुई सुनवाई के बाद चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की है, जिसमें इस मुद्दे से जुड़ी सभी याचिकाओं पर एक साथ विचार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार का दिन बेहद असाधारण रहा, क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं वकील के लिबास में अपनी सरकार और जनता का पक्ष रखने सुप्रीम कोर्ट पहुँचीं। उन्होंने पीठ को बताया कि चुनाव आयोग ने बंगाल में 8,300 ऐसे माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात किए हैं जो नियमों के विरुद्ध जाकर कार्यालयों में बैठे-बैठे मतदाताओं के नाम काट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और जीवित लोगों को 'मृत' दिखाकर लोकतंत्र की नींव पर प्रहार किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान जब सॉलिसिटर जनरल ने चुनाव आयोग के पुराने हलफनामों का हवाला दिया, तो मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि सोमवार को होने वाली सुनवाई व्यापक होगी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड और पिछली याचिकाओं को भी उसी दिन सूचीबद्ध किया जाए। मुख्य न्यायाधीश ने दोनों याचिकाओं पर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल ने सूचित किया कि एक अन्य याचिका भी लंबित है जिसमें भारत निर्वाचन आयोग पहले ही अपना हलफनामा दाखिल कर चुका है, और उस याचिका में उठाए गए मुद्दों का वर्तमान मामले पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि उस मामले को भी सोमवार को ही लिया जाए और टिप्पणी की कि अदालत उस दिन सभी संबंधित मुद्दों पर एक साथ सुनवाई करेगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अदालत से लोगों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया और पीठ के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

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