West Bengal Assembly Election 2026 : 480 कंपनी सेंट्रल फोर्स की तैनाती पर बैठक


कोलकाता :- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में मुख्य रूप से चुनावी तैयारियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, निर्वाचन सदन में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के डीजी पीयूष पांडेय, एडीजी (कानून-व्यवस्था) विनीत गोयल, कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतिम सरकार और सीआरपीएफ के आईजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि केंद्रीय बलों के राज्य में पहुंचते ही उन्हें बिना समय गंवाए सीधे उनके निर्धारित कार्यक्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। आयोग का मुख्य उद्देश्य समय की बर्बादी को रोकना और सुरक्षा बलों का अधिकतम उपयोग करना है। सीआरपीएफ और अन्य बलों की गतिविधियों पर विशेष पर्यवेक्षक नजर रखेंगे, ताकि तैनाती में पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया के दौरान डेटा और सूचना संबंधी कार्यों में जुटे अधिकारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य प्रशासन को सौंपी गई है।


निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव की तारीखों के आधिकारिक ऐलान से पहले ही राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय द्वारा राज्य प्रशासन को भेजी गई सूचना के अनुसार, कुल 480 कंपनी केंद्रीय बल दो चरणों में पश्चिम बंगाल पहुंचेंगे। पहले चरण में 1 मार्च तक 240 कंपनियां राज्य में दस्तक देंगी, जिनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और सीआईएफएफ के जवान शामिल होंगे। इसके बाद 10 मार्च तक दूसरे चरण में शेष 240 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इन बलों की अग्रिम तैनाती का उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में रूट मार्च करना और मतदाताओं के भीतर विश्वास पैदा करना है ताकि वे बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

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