दुर्गापुर :- भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची से कथित रूप से वैध मतदाताओं के नाम 'साजिश' के तहत हटाने के विरोध में सोमवार को दुर्गापुर में भारी राजनीतिक सरगर्मी देखी गई। माकपा (सीपीएम) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दुर्गापुर प्रशासनिक भवन (एसडीओ कार्यालय) के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम करते हुए बेहद चालाकी से अल्पसंख्यक समुदाय और आम नागरिकों के नाम मतदाता सूची से काट रहा है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों को 'विचाराधीन' श्रेणी में डाल दिया गया है, जिससे आम जनता के बीच भारी असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है।
सोमवार को जब आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर प्रशासनिक भवन के भीतर दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने मुख्य द्वार को बंद कर प्रदर्शनकारियों को बाहर ही रोक दिया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद, माकपा का एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अनुमंडल शासक (एसडीओ) सुमन विश्वास से मिलने पहुंचा और उन्हें अपना मांग पत्र सौंपा।
माकपा नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया और वैध मतदाताओं के नाम बहाल नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी बड़ा और व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर अब जिले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।



0 Comments