दुर्गापुर (राम बाबू यादव) :- ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ फिर दादागिरी के आरोप लगे हैं। औद्योगिक नगरी दुर्गापुर में कथित तौर पर ₹1000 जुर्माना की रिसीव मांगने पर दुर्गापुर स्टील के एक कर्मी की पिटाई करने का आरोप ट्रैफिक पुलिस पर लगा है। स्टील प्लांट के कर्मी का नाम कुमारेश रॉय है, जो गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
घटना की शुरुआत बीते रविवार शाम करीब पांच बजे हुई। दुर्गापुर इस्पात नगर के आइस्टीन निवासी कुमारेश रॉय अपने परिवार के साथ दुर्गापुर के सिटी सेंटर गए थे। कथित तौर पर, जब चार पहिया वाहन गांधी मोड़ के पास रिकॉल पार्क के पास पहुंचा, तो सीट बेल्ट नहीं पहनने के लिए जुर्माना लगाया गया। वाहन लाइसेंस नवीनीकरण की समय सीमा पिछले नवंबर में समाप्त हो गई थी। आरोप है कि जुर्माने के तौर पर 1000 रुपये की मांग की गई। इस पैसे को ड्रॉप बॉक्स में डालने के लिए कहा गया। इस पर कुमारेश राय और उनके बेटे कल्लोल रॉय ने आपत्ति जताई। इस परिवार की मांग थी कि या तो ऑनलाइन पेमेंट लें और अगर कोई असुविधा हो तो 1000 रुपये जुर्माने की रसीद कॉपी दें। और यहीं से पूरे विवाद की शुरूआत हुई। आरोप है कि कुमारेश राय ने बार-बार इस रसीद की कॉपी मांगी और जब वह जुर्माने की रकम जमा करने के लिए ड्रॉप बॉक्स की तस्वीर लेने गए तो उन्हें सामने के जंगल में ले जाया गया और जमकर पिटाई की गई, जिससे कुमारेश राय की दाहिनी आंख में गंभीर चोट लग गई।
स्थिति को समझने के बाद आखिरकार 2000 रुपये जुर्माने की रसीद लेकर उन्हें रिहा कर दिया गया। अब इस परिवार का सवाल है कि अगर ये पैसे वैध तरीके से दिए गए थे तो फिर इतनी पिटाई क्यों की गई ? यदि 2000 रुपये लिये गये थे तो 1000 रुपये बिना किसी रसीद के ट्रैफिक चेक प्वाइंट पर रखे टिन ड्रॉप बॉक्स में जमा करने को क्यों कहा गया ? दुर्गापुर स्टील प्लांट के कर्मी कुमारेश राय के पुत्र कल्लोल रॉय की इस गतिविधि से अब पूरा परिवार असुरक्षा से जूझ रहा है। हालांकि इस विषय को लेकर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी तुहीन चौधरी ने कहा की ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना किया गया था। जब किसी को जुर्माना किया जाता है तो इसी तरह के अनर्गल आरोप ट्रैफिक पुलिस पर लगाए जाते हैं। उन्होंने ड्रॉप बॉक्स और उसे व्यक्ति की पिटाई किए जाने की आरोपी से साफ इनकार किया।

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