कोलकाता :- पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष निरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है, लेकिन इसके साथ ही लाखों मतदाताओं पर सूची से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, विशेष सत्यापन प्रक्रिया के दौरान हुई सुनवाई में लगभग 4 लाख मतदाता अनुपस्थित पाए गए हैं। आयोग अब इन सभी मतदाताओं को औपचारिक नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है, जिसमें उनके नाम हटाए जाने के ठोस कारणों का उल्लेख होगा। गौर करने वाली बात यह है कि पूर्व में हटाए गए 58 लाख नामों के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि यदि आज भी मतदाता उपस्थित नहीं हुए, तो सूची से करीब 5 लाख और नाम कम हो सकते हैं।
राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से अधिकांश में सुनवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन उत्तर कोलकाता की 4 सीटों समेत मालदा, कर्सियांग और दक्षिण 24 परगना जैसे करीब 15 से 20 क्षेत्रों में काम अब भी अधूरा है। आज, 7 फरवरी को सुनवाई का निर्धारित अंतिम दिन है, परंतु जमीनी स्थिति को देखते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल समय सीमा बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग को पत्र लिख सकते हैं। वर्तमान में लगभग 85 प्रतिशत डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है और अब केवल पुराने दस्तावेजों के मिलान का काम शेष है। आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि सत्यापन के लिए नए सिरे से कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा।
निर्वाचन सदन के कार्यक्रम के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 14 फरवरी को होना तय है। माना जा रहा है कि इस सूची के सार्वजनिक होते ही राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों का बिगुल फूंका जा सकता है। दिसंबर के अंत से शुरू हुई यह सुधार प्रक्रिया शुरुआत में काफी धीमी थी, लेकिन बाद में अधिकारियों और केंद्रों की संख्या बढ़ाए जाने से इसमें तेजी आई। पिछले कुछ दिनों में रिकॉर्ड गति से लाखों मतदाताओं का डेटा सत्यापित किया गया है, ताकि एक त्रुटिहीन मतदाता सूची के साथ चुनाव संपन्न कराए जा सकें।


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