मुलाकात के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए अखिल भारतीय तेली महासभा के पश्चिम बंगाल संरक्षक राम सेवक साव ने कहा कि श्रीमती यशोदा बेन से मिलना मेरे लिए किसी आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं था। मैंने किताबों में 'सादा जीवन, उच्च विचार' के बारे में पढ़ा था, लेकिन आज उसे साक्षात देख लिया। एक छोटे से घर में रहने वाले इस परिवार में तनिक भी दिखावा या अहंकार नहीं है। लेकिन घर के भीतर वही पुरानी भारतीय सादगी और संस्कार देखने को मिले। उन्होंने बहुत गर्व के साथ कहा कि हम सभी को अपने तेली समाज पर गर्व करना चाहिए और अपनी पहचान को पूरे आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि उनके भतीजे जसवंत भाई और भाई अशोक मोदी ने जिस आत्मीयता से हमें अपने बीच बिठाया, उसने हमारा दिल जीत लिया। इस मुलाकात ने मुझे एक बहुत बड़ी सीख दी है कि समाज सेवा कभी भी पद या पैसे के लालच में नहीं की जाती। यदि हम निस्वार्थ भाव और सेवा की भावना से काम करेंगे, तभी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की उन्नति संभव है। हम सभी को इस परिवार की सरलता और निष्ठा से प्रेरणा लेनी चाहिए।


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