दुर्गापुर :- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों के विधायक और नेता अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर जनता का मन टटोलने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में शनिवार को दुर्गापुर पश्चिम से भाजपा विधायक लक्ष्मण घड़ुई को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब जनसंपर्क के दौरान स्थानीय निवासियों ने उन्हें घेर लिया और विकास कार्यों की कमी को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। फरीदपुर इलाके में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पत्र बांटने और केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाने पहुंचे विधायक से ग्रामीणों ने सीधे तौर पर काम का हिसाब मांग लिया।
विवाद की जड़ फरीदपुर इलाके के पास से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-19 है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उचित अंडरपास न होने के कारण उन्हें दो किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ता है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। जब विधायक लक्ष्मण घड़ुई लोगों से हाथ मिलाने और संवाद करने आगे बढ़े, तो ग्रामीण स्वपन कुमार घोष ने दो टूक शब्दों में कह दिया, "पहले अंडरपास की बात कीजिए, तभी हम हाथ मिलाएंगे।" इस दौरान जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से आवेदन करने की बात कही, तो जनता और भड़क गई। ग्रामीणों का सवाल था कि जब समस्या जगजाहिर है, तो विधायक ने अब तक इसके लिए पहल क्यों नहीं की? काफी देर तक विधायक और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस चलती रही।
इस घटना को लेकर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर करारा हमला बोला है। राज्य के पंचायत एवं ग्रामोन्नयन मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कटाक्ष करते हुए कहा कि लक्ष्मण बाबू के साढ़े चार साल के कार्यकाल में शून्य विकास की पोल अब जनता खुद खोल रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग केंद्र सरकार के अधीन आता है, इसके बावजूद विधायक एक अंडरपास तक नहीं बनवा सके, जो उनकी विफलता का प्रमाण है। दूसरी ओर, आरोपों को खारिज करते हुए विधायक लक्ष्मण घड़ुई ने दावा किया कि उन्होंने अपने कोष से क्षेत्र में कई विकास कार्य किए हैं और वे लगातार लोगों के बीच रहते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 में जनता भाजपा के साथ खड़ी होगी।


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