कोलकाता :- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, राज्य में 'विचाराधीन' या संदिग्ध श्रेणी में रखे गए मतदाताओं की पहली अतिरिक्त सूची आगामी सोमवार को प्रकाशित की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इन मतदाताओं की शिकायतों और अपीलों की सुनवाई के लिए विशेष ट्रिब्यूनल का गठन किया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, राज्य के 23 जिलों के लिए कुल 19 ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं, जिनमें कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम सहित 19 पूर्व न्यायाधीशों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में राज्य में विचाराधीन मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 60 लाख है, जिनमें से अब तक 27 लाख 23 हजार मतदाताओं के डेटा का निपटारा किया जा चुका है। पहली सूची के बाद दूसरी अतिरिक्त सूची भी इसी सप्ताह शुक्रवार तक आने की संभावना है।
यदि किसी मतदाता का नाम इस अतिरिक्त सूची में शामिल नहीं किया जाता या काट दिया जाता है, तो वह इन ट्रिब्यूनल में अपील कर सकेगा। अपील करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। नागरिक 'ईसीआई नेट' मोबाइल ऐप या आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और अनुमंडल अधिकारी के पास व्यक्तिगत रूप से जाकर ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। अधिसूचना के अनुसार, विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। उदाहरण के तौर पर, कोलकाता और उत्तर 24 परगना के मामलों की सुनवाई सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवज्ञानम करेंगे, जबकि हावड़ा के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार दासाधिकारी और हुगली के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति समाप्ति चटर्जी को नियुक्त किया गया है। यह ट्रिब्यूनल तब तक सक्रिय रहेंगे जब तक कि सभी अपीलों का पूर्ण रूप से निपटारा नहीं हो जाता।
गौरतलब है कि पिछले 28 फरवरी को प्रकाशित अधूरी मतदाता सूची में 6 करोड़ 44 लाख से अधिक नाम 'योग्य' पाए गए थे, जबकि 60 लाख से अधिक नाम 'विचाराधीन' श्रेणी में थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन विचाराधीन नामों के दस्तावेजों की जांच एसआईआर कार्य में लगे न्यायाधीशों द्वारा की जा रही है और किसी भी विसंगति की स्थिति में मतदाता विशेष ट्रिब्यूनल की शरण ले सकते हैं। इस बीच, राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए इस महीने के अंत तक केंद्रीय बलों की 2000 अतिरिक्त कंपनियां पहुंचने वाली हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मानिकतला में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हालिया झड़प को गंभीरता से लेते हुए उत्तर कोलकाता के जिला निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
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