रसोई गैस की बुकिंग अब 25 दिनों बाद, LGP उत्पादन बढ़ाने और कालाबाजारी रोकने के निर्देश

कोलकाता :- पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच गहराते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर अब भारतीय रसोई तक पहुँचने लगा है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से भारत अपनी कुल प्राकृतिक गैस का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त करता था, लेकिन मौजूदा युद्ध जैसी स्थितियों के कारण इस मार्ग से आपूर्ति बाधित हुई है। इस संकट के बीच सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में रसोई गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 115 रुपये की भारी वृद्धि के बाद अब सरकार ने नया नियम लागू किया है कि एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद दूसरा सिलेंडर कम से कम 25 दिनों के अंतराल पर ही बुक किया जा सकेगा।


पेट्रोलियम मंत्रालय ने बिगड़ते हालात को देखते हुए तेल रिफाइनरियों को एलपीजी (LPG) का उत्पादन बढ़ाने और उस अतिरिक्त उत्पादन का उपयोग केवल घरेलू उपयोग के लिए करने के आदेश जारी किए हैं। सरकार की प्राथमिकता इस समय आम घरों तक रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। जमाखोरी और अवैध व्यापार पर लगाम लगाने के लिए ही 25 दिनों की इंटर-बुकिंग अवधि निर्धारित की गई है। वहीं, आयातित एलपीजी के माध्यम से होने वाली गैर-घरेलू आपूर्ति में भी प्राथमिकता तय की गई है, जिसके तहत अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को पहले गैस दी जाएगी। होटल, रेस्तरां और अन्य उद्योगों के लिए गैस आपूर्ति की समीक्षा हेतु तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

गैस आपूर्ति के संकट को प्रबंधित करने के लिए 'प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश' भी लागू किया गया है। इसके तहत घरों में पाइप वाली गैस (PNG) और वाहनों के लिए सीएनजी (CNG) की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कुछ कटौती की गई है। चाय उद्योग, विनिर्माण इकाइयों और प्राकृतिक गैस ग्रिड से जुड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों की औसत आपूर्ति का केवल 80 प्रतिशत ही उपलब्ध कराया जाएगा। इसी तरह, उर्वरक संयंत्रों को पिछले औसत का 70 प्रतिशत गैस दी जाएगी। भारत अब हॉर्मुज मार्ग से कम होती आपूर्ति की भरपाई के लिए अन्य वैकल्पिक समुद्री रास्तों से प्राकृतिक गैस की खरीद कर रहा है ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता की जरूरतों के बीच संतुलन बना रहे।

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