रानीगंज :- पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिलांतर्गत खड़गपुर से चलकर शनिवार की सुबह रानीगंज के श्री श्याम मंदिर पहुंचे श्याम भक्तों का दल। खड़गपुर मारवाड़ी युवक संघ के तत्वावधान में 25 श्री श्याम प्रेमी डाक बम लेकर निकल पड़े थे। धीरे-धीरे श्री श्याम बाबा के डाक बम के साथ लोगो का काफिला जुटता गया। मेदिनरपुर-बांकुड़ा रोड होते हुए शनिवार की सुबह डाक बम का दल रानीगंज की सीमा पर प्रवेश किया एवं बाजार की परिक्रमा करते हुए श्री श्याम मंदिर तक पहुंचा। श्री श्याम मंदिर इनका भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर विष्णु सराफ, बिमल सराफ, पवन केजरीवाल, बिनोद बंसल समेत ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। इनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। मंदिर प्रांगण पहुंचने के पूर्व माॅर्निंग वाॅकर्स फैमिली की ओर से शिशुबगान मोड़ पर जत्थे का स्वागत किया गया। सूरजगढ़ के हजारीमल इंदौरियां जी को माला पहनाकर पवन केजरीवाल, शरद भरतिया, राम अतवार जिंदल, उमेश डोकानिया ने स्वागत किया। इस अवसर पर माॅर्निंग वाॅकर्स फैमिली के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
हजारीमल जी इंदौरियां के बारे में यहां बता दे कि हजारीमल जी इंदौरियां द्वारा सबसे पहले खाटू श्याम मंदिर में सफेद निशान चढ़ाए जाते है और यह निशान सालों पर रहता है। हजारीमल जी स्वंय सूरजगढ़ से पैदल चलकर खाटू श्याम मंदिर पहुंचते है और अपना सफेद निशान श्री श्याम बाबा को चढ़ाते है और पुनः पैदल ही सूरजगढ़ लौट जाते है। श्री श्याम भक्तों के बीच इनकी पहचान महंत से कम नहीं है। खड़गपुर से चले इस पैदल निशान यात्रा में शामिल हुए हजारीमल जी ने कहा कि निःसदेह सबसे उपर खाटू श्याम मंदिर है, परन्तु उसके बाद अगर किसी मंदिर का नाम देश भर में सबसे पहले सामने आ रहा है तो वह है रानीगंज श्री श्याम मंदिर का नाम। श्री श्याम बाबा अर्थात सरकार की कृपा रही कि वह रानीगंज में बसे। आज रानीगंज धाम में देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आकर साल भर निशान चढ़ाते है।
दूसरी तरफ खड़गपुर मारवाड़ी युवक संघ अध्यक्ष अनिल केडिया ने कहा कि बहुत दिनों से हमारी यह मनोकामना था कि पैदल ही डाक बम लेकर रानीगंज श्री श्याम मंदिर पहुंचे और यह मनोकामना आज हजारी पूरी हुयी। 25 भक्तों का दल 12 मार्च को रानीगंज श्री श्याम मंदिर के लिए रवाना हुयी और लगातार पैदल चलते हुए शनिवार अर्थात 14 मार्च को श्री श्याम मंदिर पहुंचे। इस जत्थे में एक ओर जहां 25 डाक बम है, वहीं अन्य भक्त भी शामिल हुए। कुल मिलाकर लगभग 50 से 60 लोग इस श्याम निशान यात्रा में शामिल हुए। इसदिन मंदिर में डाक बमों का स्वागत फुलों के साथ-साथ पटाखा फोड़कर किया गया।







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