दुबई में 5 दिनों तक फंसा रहा रानीगंज के व्यवसायी का परिवार, 113 घंटे बाद विमान सेवाएं बहाल होने पर ली राहत की सांस


रानीगंज :- ईरान के साथ अमेरिका- इजरायल के छिड़े भीषण सैन्य संघर्ष और हवाई हमलों के कारण मध्य पूर्व में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हवाई सेवाएं बंद होने से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी संकट के बीच रानीगंज के व्यवसायी विमल नानोलिया और उनका परिवार पिछले करीब 5 दिनों से दुबई में फंसा रहा। विमल नानोलिया अपनी पत्नी नेहा नानोलिया और दो बच्चों के साथ 22 फरवरी को छुट्टियां बिताने दुबई गए थे, लेकिन इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच हुए मिसाइल व ड्रोन हमलों के कारण दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अचानक विमान सेवाएं ठप कर दी गईं। विमल नानोलिया के परिवार समेत दुबई में फंसे होने के कारण न सिर्फ रानीगंज में उनके परिजनों बल्कि दोस्तों, शुभचिंतकों एवं आस पड़ोस के लोगों को भी चिंता बढ़ गई थी। परिवार के लोग पल-पल फोन पर विमल व नेहा से संपर्क कर ताजा हालात के बारे में जानकारी लेते रहे। 

व्यवसायी विमल नानोलिया के परिवार को इन पांच दिनों में भारी मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्हें 1 मार्च को दुबई से कोलकाता के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन अचानक फ्लाइट कैंसिल होने के कारण वे एयरपोर्ट पर ही फंस गए। युद्ध के बढ़ते खतरे और अनिश्चितता के बीच उन्हें अपनी पत्नी और छोटे बच्चों के साथ दुबई के होटल में शरण लेनी पड़ी। विदेशी जमीन पर फंसे होने और घर वापसी का कोई रास्ता न दिखने के कारण परिवार काफी डरा हुआ था। लगभग 113 घंटे तक दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद रहने के बाद, जब गुरुवार को विमानों की आवाजाही सामान्य हुई, तब जाकर इस परिवार ने राहत की सांस ली। फिलहाल विमल और उनका परिवार दुबई से ओमान के लिए रवाना हो चुका है, जहाँ से वे मुंबई होते हुए शुक्रवार तक कोलकाता पहुंचेंगे।

गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों से 28 फरवरी के बाद से कोलकाता के  नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दुबई की सभी उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। लंबे इंतजार के बाद अब स्थिति में सुधार हो रहा है। बुधवार को फ्लाय दुबई एयरलाइंस के पहले विमान ने महज 55 यात्रियों को लेकर कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दुबई के लिए उड़ान भरी। हालांकि सेवाओं की बहाली के बाद अब यात्रियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन युद्ध की विभीषिका के बीच फंसे पर्यटकों के लिए यह अनुभव बेहद डरावना रहा।

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