व्यवसायी विमल नानोलिया के परिवार को इन पांच दिनों में भारी मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्हें 1 मार्च को दुबई से कोलकाता के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन अचानक फ्लाइट कैंसिल होने के कारण वे एयरपोर्ट पर ही फंस गए। युद्ध के बढ़ते खतरे और अनिश्चितता के बीच उन्हें अपनी पत्नी और छोटे बच्चों के साथ दुबई के होटल में शरण लेनी पड़ी। विदेशी जमीन पर फंसे होने और घर वापसी का कोई रास्ता न दिखने के कारण परिवार काफी डरा हुआ था। लगभग 113 घंटे तक दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद रहने के बाद, जब गुरुवार को विमानों की आवाजाही सामान्य हुई, तब जाकर इस परिवार ने राहत की सांस ली। फिलहाल विमल और उनका परिवार दुबई से ओमान के लिए रवाना हो चुका है, जहाँ से वे मुंबई होते हुए शुक्रवार तक कोलकाता पहुंचेंगे।
गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों से 28 फरवरी के बाद से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दुबई की सभी उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। लंबे इंतजार के बाद अब स्थिति में सुधार हो रहा है। बुधवार को फ्लाय दुबई एयरलाइंस के पहले विमान ने महज 55 यात्रियों को लेकर कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दुबई के लिए उड़ान भरी। हालांकि सेवाओं की बहाली के बाद अब यात्रियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन युद्ध की विभीषिका के बीच फंसे पर्यटकों के लिए यह अनुभव बेहद डरावना रहा।

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