आसनसोल :- पश्चिम बंगाल की राजनीति में जहां अक्सर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहता है, वहीं कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में सौहार्द और सम्मान की एक दुर्लभ तस्वीर देखने को मिली। कुल्टी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान विधायक डॉ अजय पोद्दार ने वामपंथी शासनकाल के दिग्गज नेता रहे पूर्व विधायक मानिक लाल आचार्य के घर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। कुल्टी की राजनीति के 'भीष्म पितामह' कहे जाने वाले पूर्व विधायक मानिक लाल आचार्य के डिसरगढ़ स्थित आवास पर पहुंचे अजय पोद्दार खाली हाथ नहीं थे, बल्कि वे अपने साथ छिन्नमस्ता मंदिर का प्रसाद लेकर पहुंचे थे। इस मुलाकात के दौरान भाजपा प्रत्याशी डॉ अजय पोद्दार ने कहा कि कुल्टी के विकास में पूर्व विधायक मानिक लाल आचार्य का योगदान अविस्मरणीय है और उनके जैसे अनुभवी मार्गदर्शक से कुशलता साझा करना और आशीर्वाद पाना उनके लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।
इस मुलाकात के पीछे का राजनीतिक घटनाक्रम किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसा दिलचस्प है। मानिक लाल आचार्य 1991 से 2001 तक लगातार तीन बार फॉरवर्ड ब्लॉक के विधायक रहे और इस क्षेत्र को वामपंथ का अभेद्य किला बनाए रखा। हालांकि, 2006 में उन्हें उनके ही राजनीतिक शिष्य उज्ज्वल चटर्जी (टीएमसी) ने पराजित किया था। संयोग देखिए कि 2021 के चुनाव में इसी उज्ज्वल चटर्जी को हराकर अजय पोद्दार विधायक बने। वर्तमान में समीकरण और भी पेचीदा हैं क्योंकि 2026 के चुनाव में एक तरफ जहां मानिक लाल आचार्य के बेहद करीबी माने जाने वाले भवानी आचार्य फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी स्वयं उनके द्वार पर आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।
लगभग 10 वर्षों के अंतराल के बाद कुल्टी में फॉरवर्ड ब्लॉक ने अपना उम्मीदवार उतारा है। घर का व्यक्ति चुनावी मैदान में होने के बावजूद, भाजपा प्रत्याशी के लिए मानिक लाल आचार्य का दरवाजा खुला रहना और उन्हें स्नेह देना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विचारधारा की लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन वरिष्ठों के प्रति ऐसा सम्मान लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है। इस मुलाकात ने न केवल पुराने दिनों की यादें ताजा कर दीं, बल्कि चुनावी सरगर्मियों के बीच एक सकारात्मक संदेश भी प्रसारित किया है।

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