रानीगंज :- विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के रानीगंज अंतर्गत आमरासोता पंचायत के झाटी डांगा आदिवासी पाड़ा में पेयजल की विकराल समस्या एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनकर उभरी है। वर्षों से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे स्थानीय निवासियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के पंचायत सदस्यों को बार-बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। आलम यह है कि करीब दो साल पहले 'घर-घर नल' तो लगा दिए गए, लेकिन उनमें से अधिकांश शोपीस बने हुए हैं और पानी की एक बूंद तक नहीं टपकती। पूरे इलाके में सड़क किनारे महज एक चालू नल है, जहाँ पानी की धार इतनी कम है कि एक बाल्टी भरने में दो घंटे से भी अधिक का समय लग जाता है, जिसके कारण आए दिन पानी को लेकर विवाद और झगड़े होते रहते हैं।
इसी बीच, चुनाव प्रचार के सिलसिले में इलाके में पहुँचीं भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पाल ने स्वयं इस बदहाल स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय महिलाओं की व्यथा सुनने के बाद उन्होंने राज्य की तृणमूल सरकार पर तीखा हमला बोला। अग्निमित्रा पाल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 'एगिये बांग्ला' (आगे बढ़ता बंगाल) का ढिंढोरा पीटती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी गरीब बस्तियों में लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जहाँ नल तो है पर जल नहीं और गरीबों के पास रहने को पक्का मकान तक नहीं, वहाँ विकास के दावे खोखले नजर आते हैं। भाजपा उम्मीदवार ने आश्वासन दिया कि चुनाव के बाद इस क्षेत्र की पेयजल समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। फिलहाल, इस मुद्दे ने इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है।



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