चुनाव आयुक्त का बड़ा फैसला, बेखौफ वोटिंग के लिए हाई राइज बिल्डिंग में बनाए जाएंगे मतदान केन्द्र


 कोलकाता: चुनाव आयुक्त किसी भी दिन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तिथि की घोषणा कर सकती है। चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग तेजी से काम भी कर रही है। एक तरफ जहां एसआईआर प्रक्रिया को समाप्त करने की ओर बढ़ रही है तो दूसरी ओर राज्य के हर जिले, हर ब्लाॅक में केन्द्रीय अर्द्ध सैनिक बलों को भी भेज दिया गया है। विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा, कोलकाता महानगर समेत अन्य महत्वपूर्ण शहरों के हाई राइज बिल्डिंगों के वोटरों की शिकायत रहती है कि उन्हें वोट देने से रोका जाता है। वोट देने के लिए हम मतदान केन्द्र में न जा सके, इसके लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते है। ऐसा ही आरोप चुनाव समाप्त होने के बाद विरोधी दल एवं हाई राइज बिल्डिंग में रहने वाले लोग अपने-अपने तरह से इस वाकिये को बयान करते दिखते थे। परन्तु अब चुनाव आयोग ने इसकी भी संभावना समाप्त कर दी। अब कोलकाता महानगर समेत राज्य के प्रमुख शहरों के हाई राइज बिल्डिंग के वोटर निष्पक्ष एवं बेखौफ होकर मतदान का प्रयोग कर सके, इसके लिए हाई राइज बिल्डिंग परिसर में ही पोलिंग बूथ बनाने का निर्णय लिया। चुनाव आयोग ने कहा कि सभी जिलों के हाई राईज बिल्डिंगों में बूथ बनाने की अनुमति दे दी गयी है। यदि किसी कारण से बिल्डिंग प्रबंधन बूथ बनाने की अनुमति नहीं देता है तो आयोग उस बिल्डिंग के पास फुटपाथ पर टेंट लगाकर मतदान केन्द्र बनाएगी। पश्चिम बंगाल राज्य के  मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के हाई राइज बिल्डिंग के भीतर बूथ बनाने की अनुमति मिल चुकी है। चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में कुल 80 हजार 681 मतदान केन्द्र बनाए गए है। इसके अलावा राज्य के विभिन्न हाई राइज आवासीय इमारतों में 57 अतिथि बूथ बनाए गए है। 


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