पांडवेश्वर :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र में ISF को बड़ा झटका लगा है। भांगड़ के विधायक नौशाद सिद्दीकी की पार्टी ISF से जुड़े लगभग 57 परिवारों ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने ISF छोड़कर आए इन सभी परिवार के सदस्यों के हाथों में तृणमूल कांग्रेस का झंडा पकड़ाया और पार्टी में उनका स्वागत किया। मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती जेमुआ गांव में उनके जनसंपर्क अभियान के लिए पहुंचे थे। प्रचार अभियान की शुरुआत नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने गांव के स्थानीय काली मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की। इसके बाद उन्होंने गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव की परिक्रमा की और घर-घर जाकर मतदाताओं से आशीर्वाद लिया। जनसंपर्क के दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों का फीडबैक भी लिया।
प्रचार के दौरान ही पांडवेश्वर के राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) को बड़ा झटका देते हुए कुल 57 परिवारों ने पार्टी छोड़ दी और उम्मीदवार नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के हाथों तृणमूल कांग्रेस का झंडा थाम लिया। इस सामूहिक दलबदल ने विपक्षी खेमे में हलचल पैदा कर दी है।
तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे अभूतपूर्व विकास कार्यों से प्रभावित होकर लोग विपक्षी दलों का साथ छोड़ रहे हैं और ममता बनर्जी के नेतृत्व में भरोसा जता रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान से ठीक पहले आईएसएफ के आधार क्षेत्र में हुई यह सेंधमारी पांडवेश्वर के चुनावी नतीजों पर गहरा असर डाल सकती है।





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