कोलकाता :- SIR के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को धर्मतला स्थित मेट्रो चैनल पर धरने पर बैठ गईं। इस धरना प्रदर्शन के दौरान जब मुख्यमंत्री ने मंच पर उन लोगों को पेश किया जिन्हें एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट में 'मृत' घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखा हमला बोलते हुए चुनाव आयोग को 'भाजपा का दलाल' करार दिया। उन्होंने कहा कि देखिए, इन लोगों को कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया है, लेकिन ये यहां जीवित बैठे हैं। हम इंच-इंच की खबर रखते हैं। उन्होंने उन 22 जीवित लोगों को मंच पर खड़ा किया जिन्हें मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था। साथ ही, दिल्ली गए उन 8 परिवारों के सदस्य भी धरने में शामिल हुए, जिन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के कारण अपनों को खोया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा को 'निर्लज्ज' बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र का अपमान है और वे इस साजिश के खिलाफ आखिरी दम तक लड़ेंगी।
मुख्यमंत्री ने तीखा हमला बोलते हुए चुनाव आयोग को 'भाजपा का दलाल' करार दिया। उन्होंने कहा, "इन्हें कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया है, लेकिन ये यहां जीवित बैठे हैं। हम पल-पल की खबर रखते हैं और इन लोगों की 'परेड' करवाएंगे।" ममता बनर्जी ने उन 22 लोगों को दुनिया के सामने पेश किया जो आधिकारिक रिकॉर्ड में मृत हैं, लेकिन हकीकत में जीवित हैं। साथ ही, उन 8 परिवारों के सदस्य भी मंच पर मौजूद रहे जिन्होंने दिल्ली जाकर अपनी व्यथा सुनाई थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा को 'निर्लज्ज' बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने कहा कि जो लोग जीवित हैं, उन्हें मृत बताकर मतदाता सूची से बाहर करना एक बड़ी साजिश है। मुख्यमंत्री के इस धरने में विभिन्न जिलों से आए तृणमूल विधायक और भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, जिससे धर्मतला का इलाका राजनीतिक सरगर्मी का केंद्र बन गया है।





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