कोलकाता :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है और अब सबकी निगाहें राजनीतिक दलों की उम्मीदवार सूचियों पर टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल मंगलवार को अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक कर सकते हैं, जबकि वामपंथी दलों द्वारा सोमवार को ही अपनी पहली सूची जारी किए जाने की संभावना है। भाजपा खेमे में हलचल काफी तेज है और माना जा रहा है कि पार्टी पहले चरण के लिए 145 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर सकती है। इसी सिलसिले में केंद्रीय मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार, शुभेंदु अधिकारी, शमिक भट्टाचार्य और भूपेंद्र यादव जैसे दिग्गज नेताओं ने एक महत्वपूर्ण बैठक की है, जिसके बाद ये नेता केंद्रीय नेतृत्व के साथ अंतिम चर्चा के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।
निर्वाचन आयोग ने इस बार बंगाल में दो चरणों में मतदान कराने का निर्णय लिया है, जो 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को संपन्न होगा, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को आएंगे। पहले चरण में उत्तर बंगाल और जंगलमहल सहित 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, वहीं दूसरे चरण में कोलकाता, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा जैसी महत्वपूर्ण 142 सीटों पर मतदान होगा। गौरतलब है कि बंगाल में लंबे समय के बाद इतने कम चरणों में चुनाव हो रहे हैं। साल 2011 से 2021 के बीच चरणों की संख्या 6 से 8 तक रही थी, लेकिन इस बार आयोग ने केवल दो चरणों को ही पर्याप्त माना है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य की भौगोलिक और सुरक्षा स्थितियों का बारीकी से आकलन करने के बाद ही यह फैसला लिया गया है ताकि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।

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