कोलकाता :- पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा और मतदाता सुविधा के मद्देनजर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय को दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन से बड़ी राहत और महत्वपूर्ण निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिसके तहत राज्य में 4,660 अतिरिक्त मतदान केंद्र (बूथ) बनाने की अनुमति दे दी गई है। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों पर अब तक बूथों की संख्या 80,681 थी, जो इन नए बूथों के निर्माण के बाद बढ़कर 85,379 हो जाएगी।
आयोग के सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय उन क्षेत्रों के लिए लिया गया है जहाँ एक ही बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1,200 के आंकड़े को पार कर गई थी। मतदाताओं को लंबी कतारों और असुविधा से बचाने के लिए सहायक बूथ तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, 321 पुराने मतदान केंद्रों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का भी फैसला किया गया है। आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन मतदाताओं का बूथ बदला जा रहा है, उन्हें इस परिवर्तन की व्यक्तिगत जानकारी देना अनिवार्य होगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक भी मतदाता इस जानकारी से वंचित न रहे और राजनीतिक दलों को भी लिखित रूप में इसकी सूचना दी जाए।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल शनिवार से ही जिला दौरों की शुरुआत कर रहे हैं ताकि सुरक्षा और चुनावी तैयारियों का जमीनी जायजा लिया जा सके। उनके दौरे की शुरुआत पूर्व मेदिनीपुर से होगी, जहाँ वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था और आयोग की गाइडलाइंस के पालन की समीक्षा करेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी को भी मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी एवं वेबकास्टिंग की सख्त निगरानी में संपन्न होगी।
गौरतलब है कि राज्य की सभी 294 सीटों पर दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले ही साफ कर दिया है कि राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है और विभिन्न दलों के उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कई वर्षों बाद राज्य में कम चरणों में चुनाव संपन्न होने जा रहे हैं, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

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