कोलकाता :- विधानसभा चुनाव 2026 को प्रलोभन मुक्त और निष्पक्ष बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 319 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध नकदी, शराब और अन्य सामग्रियां जब्त की जा चुकी हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पंचिम बंगाल में की गई इस भारी बरामदगी में 11 करोड़ रुपये नकद, 55 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 21.29 लाख लीटर शराब, 65 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ और 39 करोड़ रुपये के कीमती धातु शामिल हैं। इसके अलावा, मतदाताओं को लुभाने के लिए बांटी जाने वाली 150 करोड़ रुपये की अन्य मुफ्त सामग्रियां भी पकड़ी गई हैं।
निर्वाचन आयोग ने पंचिम बंगाल सहित पांच चुनावी राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को कड़ा कर दिया है। राज्य में चुनावी अधिसूचना 15 मार्च 2026 को जारी होने के बाद से ही 5,173 फ्लाइंग स्क्वॉड और 5,200 से अधिक स्टेटिक सर्विलांस टीमें (SST) दिन-रात काम कर रही हैं। चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य हिंसा मुक्त और किसी भी प्रकार के लालच से रहित मतदान सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच के दौरान आम नागरिकों को परेशान न करें, लेकिन आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। मतदाताओं से भी अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन की शिकायत 'सी-विजिल' ऐप के माध्यम से सीधे चुनाव आयोग से करें।
निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सुरक्षा और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने हेतु व्यापक तैयारियां कर रहा है। इस बार राज्य की 294 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया केवल दो चरणों में संपन्न होगी, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी कम है। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को होगा, जिसमें उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों की 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 (बुधवार) को होगा, जिसमें मध्य और दक्षिण बंगाल के शेष हिस्सों की 142 सीटों पर चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सभी चरणों के मतों की गिनती 4 मई 2026 को होगी।


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