पांडेश्वर :- विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही पश्चिम बंगाल का राजनीतिक मैदान पूरी तरह तप चुका है। इसी कड़ी में पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र के गौरबाजार गांव में तृणमूल कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रचार कार्यक्रम में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा गांव पार्टी के झंडों और बैनरों से पट गया था। तृणमूल कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक ढाक-ढोल और शंखध्वनि के साथ चुनावी अभियान का आगाज किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखा गया। इस दौरान पार्टी के उम्मीदवार नरेन्द्रनाथ चक्रवर्ती ने घर-घर जाकर सघन जनसंपर्क किया और ग्रामीणों से सीधा संवाद साधा।
इस बार के प्रचार अभियान में सबसे अधिक ध्यान आम जनता की स्वतःस्फूर्त भागीदारी और उनके बीच लोकप्रिय हो रहे एक खास नारे ने खींचा। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से संदेश दिया कि वे अब किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आने वाले नहीं हैं। प्रचार के दौरान एक ग्रामीण के स्वर में आत्मविश्वास झलक रहा था, जिसने जोर देते हुए कहा कि गौरबाजार ने अब 'बेईमानों' को पहचान लिया है और इस बार वे कोई गलती नहीं करेंगे; यहाँ अब सिर्फ तृणमूल और जोड़ाफूल का ही दबदबा रहेगा।
तृणमूल कांग्रेस इस बार विकास के मुद्दों को ढाल बनाकर जनता के द्वार तक पहुँच रही है। दीवारों पर सजे पार्टी के चुनाव चिन्ह और समर्थकों का उत्साह यह साफ दर्शा रहा है कि घासफूल शिविर इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों के कड़े रुख और 'गद्दारों को पहचानने' जैसे नारों ने विपक्षी खेमे की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि गौरबाजार का यह मिजाज आने वाले दिनों में विरोधियों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। फिलहाल, गौरबाजार की गलियों में तृणमूल का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है।

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