आसनसोल :- आसनसोल के बागबंदी कालीपहाड़ी स्थित 'जीडीडीएस कश्यप प्राइवेट लिमिटेड' नामक फैक्ट्री में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ काम करने के दौरान करंट लगने से 37 वर्षीय श्रमिक मन्ना साव की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक इसी इलाके के रहने वाले थे। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कंपनी प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों और सहकर्मियों के अनुसार, सोमवार को बारिश हुई थी उसी समय कारखाने के स्टील फर्नीचर शॉप में काम करने के दौरान मन्ना साव समेत दो श्रमिक बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से मन्ना साव की मौत हो गई। जबकि दूसरा श्रमिक किसी तरह बच गया। फैक्ट्री परिसर में लंबे समय से बिजली के खुले और नंगे तार बिखरे हुए थे। श्रमिकों का आरोप है कि इस खतरनाक स्थिति के बारे में कई बार प्रबंधन को आगाह किया गया था, लेकिन कंपनी ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। सोमवार को मुन्ना साव इसी लापरवाही का शिकार होकर हाई-वोल्टेज तारों की चपेट में आ गए। इसके अलावा, मजदूरों ने प्रबंधन पर ईएसआई (ESI), पीएफ (PF) जैसी वैधानिक सुविधाएं न देने और तय समय से ज्यादा काम कराकर कम वेतन देने का भी गंभीर आरोप लगाया।
हादसे के बाद आक्रोशित श्रमिकों और स्थानीय निवासियों ने मुन्ना साव के शव को फैक्ट्री के मुख्य द्वार के बाहर रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि पीड़ित परिवार को तुरंत उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और फैक्ट्री के भीतर श्रमिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
इस हंगामे की सूचना मिलते ही आसनसोल साउथ थाने की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने उत्तेजित प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस पूरे विवाद और सुरक्षा में चूक के संगीन आरोपों पर कंपनी प्रबंधन की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है।





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