रानीगंज :- रानीगंज के रोनाई स्थित ऐतिहासिक दरगाह हुजूर गौस-ए-बांग्ला के 127वें सालाना उर्स और प्रसिद्ध 'पीर बाबा के मेले' को शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए रानीगंज थाने में महत्वपूर्ण समन्वय बैठक हुई। शनिवार को इस बैठक में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी (सेंट्रल) बिमान कुमार मिर्धा, आसनसोल नगर निगम के बोरो संख्या-2 के चेयरमैन मुजम्मिल हुसैन, पार्षद अख्तरी खातून सहित ट्रैफिक पुलिस, दमकल विभाग और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन और मजार कमेटी के सदस्यों के बीच हुई इस चर्चा में सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं पर विस्तार से रणनीति बनाई गई।
सालाना उर्स के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए एसीपी बिमान कुमार मिर्धा ने बताया कि मेले में राज्य के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ 600 स्वयंसेवकों (वॉलिंटियर्स) की मदद ली जाएगी। इसके अलावा मेला परिसर में विशेष पुलिस बूथ भी स्थापित किए जाएंगे ताकि 10 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने मजार और मेला कमेटी से पूर्ण सहयोग की अपील की है ताकि अकीदतमंदों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
वहीं दूसरी तरफ, धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत शुक्रवार को दरगाह परिसर में पूरी अकीदत के साथ 'गुस्ल शरीफ' की रस्म अदा कर की गई, जिसमें हजारों की संख्या में जायरीन शामिल हुए। कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य धार्मिक आयोजन 18 फरवरी (बुधवार) को संपन्न होंगे। इस दिन मगरिब की नमाज के बाद पवित्र 'चादरपोशी' की जाएगी। इससे पूर्व 17 फरवरी को असर की नमाज के बाद फातिहा और तक्सीम-ए-रुमाल का आयोजन होगा, जबकि 18 फरवरी की सुबह संदल और कुल शरीफ की रस्म निभाई जाएगी। उर्स के दौरान दरगाह में कुरान ख्वानी और मिलाद शरीफ के जरिए मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी जाएगी। पीर बाबा मेला के दौरान दरगाह रातभर जायरीनों से गुलजार रहता हैं।

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