रानीगंज: वर्ष 2025 के अक्टूबर से नवंबर महीने के बीच रानीगंज के प्रतिष्ठित शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ.अरुण कुमार शर्मा से साइबर गिरोह ने 16 करोड़ 83 लाख 90 हजार रुपया साइबर ठगी कर ली थी। डाॅ. अरुण कुमार शर्मा से ठगे गए 16 करोड़ 83 लाख 90 हजार रुपये में 1 करोड़ 35 लाख रुपये वापस मिले है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाना ने रिकवरी किए गए 1 करोड़ 35 लाख रुपये का चेक वापस दिया। थोड़ी ही सही परन्तु 1 करोड़ 35 लाख रुपये पाकर डाॅ.अरुण कुमार शर्मा के परिवार को राहत मिली है। आसनसोल साइबर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, डाॅ.अरुण कुमार शर्मा को इनवेस्ट के नाम पर पैसा कई गुना अधिक हो जाने का प्रलोभन देकर महज 1 महीने में 16 करोड़ 83 लाख 90 हजार रुपऐ की ठगी कर ली थी और इस रुपये को 200 करोड़ हो जाने का भी दावा किया। परन्तु ये 200 करोड़ तब मिलेंगे जब और अतिरिक्त 12 करोड़ 50 लाख रुपये जमा किए जाएंगे। साइबर अपराधियों के इस बात से संदेह हुआ और डाॅ.अरुण कुमार शर्मा को पता चल गया कि उसके साथ ठगी हो चुकी है। डाॅ.अरुण कुमार शर्मा ने इसकी जानकारी आसनसोल साइबर पुलिस को दी। पुलिस मामले की छानबीन करते हुए असम राज्य के गुवाहाटी से भाष्कर घोष, मोहम्मद वसीम, विकास शर्मा, नवीउल हक और पूर्व मेदिनीपुर जिले के पासकुड़ा निवासी अनुप लायक को गिरफ्तार किया। साइबर अपराधियों को रिमांड में लेकर छानबीन में पता चला कि ठगी के रुपये महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा, असम, पश्चिम बंगाल के विभिन्न बैंकों में ट्रांसफर किए गए है। पुलिस ने मामले की कार्यवायी करते हुए कोर्ट की मद्द से साइबर ठगों के विभिन्न बैंक अकाउंटों में पड़े 2 करोड़ रुपयों को ब्लाक कराया और इनमें से 1 करोड़ 35 लाख रुपये रिकवर कर डाॅ.अरुण कुमार शर्मा को लौटाया। बाकी के 70 लाख रुपये लौटाने के प्रयास चल रहे है। साइबर सूत्रों का कहना है कि 2 करोड़ 5 लाख रुपये तो मिल जाएंगे, बाकी के लगभग 15 करोड़ रुपये भी रिकवरी का प्रयास किया जा रहा है। क्योंकि अपराधियों ने विभिन्न राज्यों में हजारों के नामों के बैंक अकाउंट में यह पैसे ट्रांसफर किए है। जिसे रिकवर करना एक लंबी प्रक्रिया की बात है।

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