कोलकाता/आसनसोल :- पश्चिम बंगाल में बहुचर्चित कोयला तस्करी मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल को शुक्रवार को साल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में हाजिर होने के लिए समन भेजा है। गौरतलब है कि इससे पहले बीते सोमवार को भी मनोरंजन मंडल को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे उस समय हाजिर नहीं हुए थे। उनकी अनुपस्थिति के बाद ईडी ने दोबारा नोटिस जारी कर उन्हें तलब किया है। मनोरंजन के साथ-साथ जांच एजेंसी ने दुर्गापुर सेपको टाउनशिप के व्यवसायी प्रबीर दत्त को भी इसी मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है।
गौरतलब है कि ED की रडार पर आए मनोरंजन मंडल को आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के बुदबुद थाना प्रभारी के पद से हटा दिया गया है। मंगलवार देर रात पुलिस कमिश्नर द्वारा हस्ताक्षरित एक निर्देशिका जारी की गई, जिसके तहत उन्हें थाना प्रभारी के पद से मुक्त कर वापस स्पेशल ब्रांच (SB) में भेज दिया गया है।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मनोरंजन मंडल का नाम कोयला तस्करी के दौरान बड़ी रकम के 'प्रोटेक्शन मनी' के लेन-देन के संदर्भ में सामने आया है। इसी महीने की 3 फरवरी को ईडी ने मनोरंजन के आवास पर छापेमारी की थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है। मनोरंजन मंडल का पिछला रिकॉर्ड भी सुर्खियों में रहा है। सूत्रों की मानें तो साल 2024 में उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे और उन्हें निलंबित (सस्पेंड) भी किया गया था। अब केंद्रीय एजेंसी इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि कोयला तस्करी के अवैध साम्राज्य को संरक्षण देने में उनकी क्या भूमिका थी।
दूसरी ओर, व्यवसायी प्रबीर दत्त के आवास पर भी ईडी की टीम पहले तलाशी अभियान चला चुकी है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कोयला तस्करी से होने वाली काली कमाई के वित्तीय लेन-देन में प्रबीर दत्त का कोई सीधा संबंध है या नहीं। ईडी सूत्रों का कहना है कि कोयला तस्करी के इस जटिल जाल को सुलझाने के लिए अब अंतिम चरण की कड़ियाँ जोड़ी जा रही हैं, और इसी उद्देश्य से मनोरंजन तथा प्रबीर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा सकती है। हालांकि, शुक्रवार को इन दोनों के पेश होने को लेकर संशय बना हुआ है, क्योंकि पिछली बार पुलिसकर्मी ने हाजिरी से परहेज किया था।


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