मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान केंद्र सरकार और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा एक ऐसी मशीन बन गई है जहाँ चीजें गायब कर दी जाती हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि 'SIR' के नाम पर साजिश रची जा रही है और इसके जरिए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि विपक्षी दल जानबूझकर उन लोगों को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रहा है जो उनके पक्ष में नहीं हैं। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और पारदर्शिता के मुद्दे पर अपना रुख और कड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों और विपक्षी नेताओं को खुले मंच से ललकारा। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक मतदाता सूची जारी करने में देरी क्यों की जा रही है। मुख्यमंत्री ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि यदि संबंधित विभाग और व्यक्तियों में हिम्मत है, तो वे सूची सार्वजनिक क्यों नहीं करते। उन्होंने नाराजगी जताते हुए यह भी कहा कि यहाँ तक कि पत्रकारों को भी सूची उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जो कि पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बनाता है।



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