कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलकाता ब्रिगेड मैदान में जनसभा के पश्चात किसी भी दिन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तिथि की घोषणा चुनाव आयोग कर सकता है। पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर BJP के राज्य नेतृत्व से लेकर केन्द्रीय नेतृत्व बेहद गंभीर है। इसीलिए किसी भी तरह की चूंक बर्दाश्त नहीं कर रही है। एक ओर जब राज्य की सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस SIR को लेकर ब्लाॅक से लेकर जिला, जिला से लेकर कोलकाता महानगर तक व्यस्त दिखी। वहीं दूसरी तरफ राज्य की प्रधान विरोधी दल BJP चुनावी समीकरण बनाने में जुटी रही। भले ही चुनावी नतीजे कुछ भी सामने आए, परन्तु चुनाव प्रचार में BJP तृणमूल कांग्रेस से काफी आगे निकल रही है। अब बंगाल के 294 विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा भी सत्तारुढ़ TMC से पहले कर सीधे तौर पर चुनावी मैदान में कूद जाना चाह रही है। अगर ऐसा BJP कर पाती है तो चुनाव प्रचार के साथ-साथ प्रत्याशियों की घोषणा में भी TMC से आगे निकल जाएगी। इसी क्रम के तहत Delhi में पश्चिम बंगाल के BJP नेतृत्व के साथ केन्द्रीय नेतृत्व की बैठक हुयी। बुधवार और गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के नामों की संभावित तालिका पर चर्चा करने के लिए बीजेपी के राज्य अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद Shamik Bhatterjee, विरोधी दल के नेता Suvendu Adhikari के साथ बारी-बारी से केंद्रीय नेतृत्व ने बैठक की। बुधवार को पहली बैठक बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष J.P.Nadda के साथ उनके आवास पर हुयी। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Navin और केन्द्रीय गृह मंत्री Amit Shah के साथ भी प्रत्याशियों के नामों को लेकर गंभीरता पूर्वक चर्चा की गयी। दूसरे दिन यानी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर भी पश्चिम बंगाल एवं केरल के BJP नेतृत्व के साथ बैठक हुयी। बीजेपी का केन्द्रीय नेतृत्व प्रत्येक विधानसभा केन्द्र से 3 संभावित उम्मीदवारों की तालिका राज्य कमेटी से मांगी थी। इन्हीं तीन नामों पर चर्चा की गयी। परन्तु सूत्रों का यह भी कहना है कि किसी-किसी विधानसभा में 3 से अधिक नाम केन्द्रीय नेतृत्व के पास गयी। अब देखना यह है कि BJP का केन्द्रीय नेतृत्व किस प्रत्याशी पर अपनी सील मोहर देती है। बीजेपी सूत्रों का कहना है कि इसबार प्रत्याशियों के नए एवं पुराने नेता, कर्मियों को टिकट देने पर विचार-विमर्श किया रहा है। जिनकी पकड़ पार्टी के आम कार्यकर्ताओं के साथ-साथ लोगो के बीच भी हो। ऐसे 100 में से 40 उम्मीदवारों को टिकट देने पर विचार कर रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि इस बार लगभग 30 विधायकों के नाम भी प्रत्याशियों की तालिका से कट सकते है। क्योंकि इनके पांच वर्षो के कार्यकाल को लेकर बीजेपी की राज्य एवं केंद्रीय नेतृत्व दोनों ही असंतुष्ट है। इतना ही नहीं BJP प्रत्याशियों की प्रथम तालिका में 150 नामों की घोषणा कर सकती है।
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