आसनसोल/दुर्गापुर :- आगामी 23 अप्रैल को 9 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम एस. पोन्नाबलम (IAS) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिले की चुनावी तैयारियों का विस्तृत खाका पेश किया। डीएम ने जानकारी दी कि पूरे जिले में कुल 2,504 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ सुरक्षा और प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया को सुगमता से चलाने के लिए लगभग 14,000 मतदान कर्मियों की नियुक्ति की गई है, जिसमें 30 प्रतिशत कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। नियमानुसार प्रत्येक बूथ पर कम से कम चार मतदान कर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है।
मतदान केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए डीएम ने बताया कि जिन केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक है, वहां भीड़ कम करने के लिए 84 सहायक बूथों का प्रस्ताव भेजा गया है। वर्तमान में मतदान कर्मियों का सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है, जिसका प्रथम चरण आगामी रविवार तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसी क्रम में शुक्रवार को दुर्गापुर एनआईटी (NIT) में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जबकि शनिवार को आसनसोल के डीएवी (DAV) स्कूल में कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
चुनाव को समावेशी और सुलभ बनाने के लिए प्रशासन ने कई विशेष पहल की हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 243 महिला-संचालित यानी 'पिंक बूथ' बनाए जाएंगे, जो महिला सशक्तिकरण का प्रतीक होंगे। इसके साथ ही जिले की नौ विधानसभा सीटों पर नौ मॉडल बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहाँ मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। प्रशासन ने एक अनूठी पहल के तहत एक विशेष बूथ का संचालन पूरी तरह से दिव्यांग मतदान कर्मियों को सौंपने का निर्णय लिया है, जिसके लिए कर्मियों का एक पूल तैयार कर लिया गया है। डीएम ने विश्वास दिलाया कि चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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