कोलकाता :- पश्चिम बंगाल में आगामी 1 अगस्त से जनगणना का कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है, जो अगले साल फरवरी तक चलेगा। शुक्रवार को नबान्न सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले साल फरवरी में केंद्र सरकार की ओर से जनगणना शुरू करने के लिए पत्र भेजे जाने के बावजूद तत्कालीन सरकार ने राजनीतिक कारणों से कोई कदम नहीं उठाया और न ही पत्र का जवाब दिया। उन्होंने पूर्व सरकार के इस रुख को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा कि इस राजनीतिक उदासीनता के कारण बंगाल जनगणना के मामले में अन्य राज्यों से काफी पिछड़ गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 11 मई को उनकी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही राज्य में ठप पड़ी जनगणना प्रक्रिया को तुरंत शुरू करने का निर्णय ले लिया गया था। इस बार पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और आधुनिक बनाया गया है, जिसके तहत करीब 15 साल बाद होने जा रही इस जनगणना में सरकारी कर्मचारी अपने मोबाइल फोन और एक विशेष ऐप के जरिए घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया की कमान 'सेंसस डायरेक्टर' रश्मी कोमल को सौंपी गई है। आम जनता की शिकायतों और सहायता के लिए दो टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।



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