माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण 10 दिव्यांग विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित

रानीगंज :- इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिले तो शारीरिक अक्षमता भी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बन सकती। इसका जीवंत उदाहरण रानीगंज में देखने को मिला, जहां 10 दिव्यांग (जन्मजात बहरेपन) छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। स्पीच एंड हियरिंग एक्शन सोसाइटी (साहस) दुर्गापुर, नंदलाल जलन फाउंडेशन और रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को चैंबर के सभागार में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करने वाले जेनिफर लकड़ा, ब्रिष्टि बेरा, उम्मे ऐमन, आयन लाहा, रुद्राणी मंडल, बिना माजी, ऋषभ घोष, ध्रुव चौधरी, कृतिका झवर और तृषा माजी को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर उनका हौसला बढ़ाया गया।


इस विशेष उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए 'साहस' के गवर्निंग काउंसिल के सदस्य ललित क्याल ने साहस के प्रयासों और बच्चों के संघर्ष की कहानी को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि साहस संस्था पिछले 32 वर्षों से लगातार दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास और उन्हें समाज में एक सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। ललित क्याल ने बताया कि समाज की मुख्य धारा से जोड़ना और सामान्य बच्चों की तरह परीक्षाओं के योग्य बनाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन विशेष प्रशिक्षण और अत्याधुनिक थेरेपी के माध्यम से साहस संस्था ने अब तक 900 से अधिक ऐसे बच्चों को न सिर्फ सफलता दिलाने में अहम योगदान दिया है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्य धारा से भी जोड़ा है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि वर्तमान में भी साहस संस्था की देखरेख में 12 से 14 बच्चों का विशेष प्रशिक्षण चल रहा है, ताकि वे भी आने वाले समय में इसी तरह देश का नाम रोशन कर सकें। 

इस अवसर पर साहस संस्था के गवर्निंग सदस्य शंभु नाथ जाजोदिया, मधुमिता जाजोदिया, रानीगंज चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जुगल किशोर गुप्ता, सलाहकार राजेंद्र प्रसाद खेतान, अरुण भरतिया, सपन लोयलका, अशोक अरोड़ा और महेंद्र साव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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