Asansol के बर्नपुर में पूर्व पार्षद के ऑफिस और दुकान पर चला ISP का बुलडोजर

आसनसोल :- सेल आईएसपी (ISP) प्रबंधन द्वारा बर्नपुर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध निर्माणों और पार्टी कार्यालयों के खिलाफ चलाई जा रही बेदखली मुहिम के तहत बुधवार को एक नया विवाद सामने आया है। बर्नपुर इलाके में एक अवैध क्लब को जमींदोज करने पहुंची आईएसपी की टीम ने उसके पास स्थित एक जलेबी की दुकान पर भी बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई के बाद से पीड़ित दुकानदार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। दुकानदार का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उसकी दुकान को ध्वस्त कर दिया, जिससे उसके सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, आईएसपी प्रबंधन ने संबंधित क्लब को अवैध निर्माण के सिलसिले में काफी पहले ही नोटिस जारी कर दिया था और तय कार्यक्रम के तहत बुधवार को उसे तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। लेकिन इस अभियान के दौरान क्लब के ठीक बगल में स्थित जलेबी की दुकान को भी मलबे में तब्दील कर दिया गया। पीड़ित दुकानदार ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि अगर उन्हें प्रबंधन की ओर से कोई नोटिस या चेतावनी दी गई होती, तो वे समय रहते अपनी दुकान का सारा सामान सुरक्षित हटा लेते। अचानक हुई इस कार्रवाई से उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।


पूर्व तृणमूल कांग्रेस पार्षद विनोद यादव ने कहा कि वर्ष 2015 में जब पार्षद बने थे तो आम जनता की सेवा के लिए ऑफिस बनाया था। अब ऐसा आदेश आया है की सेल आईएसपी सभी जगह पर जितने भी पार्टी ऑफिस और क्लब हैं उन्हें तोड़कर अपनी जमीन खाली करवा रहा है इसलिए इस मामले में और ज्यादा कुछ नहीं कहना है। 


प्रभावित दुकानदार ने बताया कि यह दुकान उनके दिवंगत पिता ने शुरू की थी, जिसके सहारे वर्तमान में वह अपनी अविवाहित बहन और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठा रहे थे। दुकान टूटने से उनकी आजीविका का एकमात्र साधन छिन गया है। स्थानीय निवासियों ने भी इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि क्लब को हटाने का नोटिस तो वैध था, लेकिन एक गरीब दुकानदार की रोजी-रोटी पर बिना नोटिस के बुलडोजर चलाना पूरी तरह अनुचित है। इस घटना के बाद से पूरे बर्नपुर क्षेत्र में आईएसपी प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं और विरोध का माहौल गर्म है।

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