Indian Bank ने 32 लाख के लोन डिफॉल्ट के बाद Asansol में सायन ऑटो की संपत्ति पर लिया कब्जा

आसनसोल :- इंडियन बैंक के आसनसोल अंचल कार्यालय के अंतर्गत आने वाली अपकार गार्डन शाखा ने एक बड़ी वित्तीय कार्रवाई करते हुए बुधवार को लोन डिफॉल्टर के खिलाफ 'फिजिकल पजेशन' (भौतिक कब्जा) की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह कार्रवाई आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 36, नवीन पल्ली, मोहिसीला स्थित 'सायन ऑटो सेंटर' के भवन पर की गई। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद संवेदनशील और कानूनी दायरे में रहकर पूरा किया गया, जिसमें स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


दरअसल, सायन ऑटो सेंटर के मालिक तापस अचारजी और उनकी पत्नी मुनमुन आचारजी ने वर्ष 2016 में इंडियन बैंक की अपकार गार्डन शाखा से 32 लाख का लोन लिया था। लोन लेने के बाद खाते में नियमित भुगतान न होने के कारण बैंक ने 25 दिसंबर 2018 को इस खाते को एनपीए (गैर-निष्पादित संपत्ति) घोषित कर दिया था। इसके बाद बैंक प्रबंधन द्वारा लगातार कर्जदारों को नोटिस भेजे गए और ऋण की राशि चुकाने के कई अवसर दिए गए, लेकिन जब उनकी तरफ से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो बैंक ने सरफेसी एक्ट (SARFAESI Act) के तहत कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना।

इस मामले में पश्चिम बर्धमान के जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में मामला चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 15 मई 2025 को संपत्ति की कुर्की और भौतिक कब्जे का आदेश जारी किया था। इसी आदेश के अनुपालन में इंडियन बैंक के जोनल हेड अनिर्बान दत्ता के कुशल मार्गदर्शन और अधिकृत अधिकारी बी.के. प्रसाद व प्रवीण कुमार की देखरेख में रिकवरी टीम ने कार्रवाई शुरू की।

इस पूरी कुर्की और पजेशन की प्रक्रिया को रिकवरी एजेंट राजीव बनर्जी और उनकी 'एसएसजी एसोसिएट' (SSG Associate) की टीम ने धरातल पर उतारा। संपत्ति के मुख्य द्वार पर बैंक का आधिकारिक नोटिस और ताला चटकाकर सील लगाने की यह पूरी प्रक्रिया सायन ऑटो के मकान मालिक और मालकिन की प्रत्यक्ष उपस्थिति में संपन्न हुई। बैंक अधिकारियों ने बताया कि सभी कानूनी और विधिवत प्रक्रियाएं पहले ही पूरी कर ली गई थीं, जिसके कारण आज बिना किसी विरोध या अप्रिय स्थिति के शांतिपूर्ण तरीके से बैंक ने अपना कब्जा ले लिया है।

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