हिंदी माध्यम स्कूलों में बांग्ला भाषा की पढ़ाई अनिवार्य करने की मांग, MLA जितेंद्र तिवारी ने विधानसभा में उठाया मुद्दा


पाण्डेश्वर :- पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक जितेंद्र तिवारी ने विधानसभा में राज्य के हिंदी माध्यम विद्यालयों में बांग्ला भाषा की पढ़ाई को प्रभावी और अनिवार्य रूप से लागू करने की पुरजोर मांग उठाई है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में रहने वाले हर विद्यार्थी के लिए राज्य की मूल भाषा बांग्ला का बुनियादी ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है।

विधानसभा अध्यक्ष का ध्यान आकर्षित करते हुए पांडेश्वर विधायक जितेंद्र तिवारी ने कहा कि पिछले 5 से 10 वर्षों के दौरान राज्य में हिंदी और बांग्ला के नाम पर समाज को विभाजित करने के प्रयास देखे गए हैं। ऐसे समय में इस विभाजनकारी राजनीति को रोकने के लिए हिंदी माध्यम स्कूलों में भी बांग्ला भाषा के अध्ययन की बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्ला केवल एक भाषा नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की संस्कृति, समृद्ध परंपरा और सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। हिंदी माध्यम विद्यालयों के छात्रों को बांग्ला सीखने का अवसर मिलने से वे स्थानीय समाज और संस्कृति से अधिक बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे।

विधायक जितेंद्र तिवारी ने शिक्षक नियुक्ति के मुद्दे पर विशेष जोर देते हुए वित्त मंत्री के समक्ष एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि चूंकि राज्य सरकार नए शिक्षकों की नियुक्ति की योजना बना रही है, इसलिए पश्चिम बंगाल के सभी हिंदी स्कूलों में बांग्ला भाषा की पढ़ाई अनिवार्य की जानी चाहिए। इसके लिए जितने भी शिक्षकों की आवश्यकता पड़े, उनकी भर्ती इसी नई नियुक्ति प्रक्रिया के तहत की जाए। उन्होंने मांग की कि हर हिंदी माध्यम स्कूल में कम से कम एक बांग्ला शिक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे नई पीढ़ी में भाषा के प्रति रुचि बढ़े और भविष्य में कोई भी भाषा के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास न कर सके। विधानसभा में उठाए गए इस गंभीर प्रस्ताव के बाद राज्य के राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में भाषा नीति को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।

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