आसनसोल (राम बाबू यादव) :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेसमें जारी भारी राजनीतिक संकट और बगावत के बीच आसनसोल लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी अटूट निष्ठा जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे पार्टी के बागी गुट में शामिल नहीं हो रहे हैं और इस मुश्किल घड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं और कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि उन्होंने विद्रोहियों का हाथ थाम लिया है।
उन्होंने साफ किया कि बागी गुट के सदस्य उनके अच्छे दोस्त हैं और उन्होंने उन्हें शामिल होने का न्योता भी दिया था, लेकिन जब 2019 में पटना से चुनाव हारने के बाद वे अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे थे, तब ममता बनर्जी ही थीं जिन्होंने उनका हाथ थामा था। ममता जी के कहने पर ही उन्होंने आसनसोल से चुनाव लड़ा और दो बार भारी मतों से रिकॉर्ड जीत हासिल की। 'जोड़ा फूल' (टीएमसी के प्रतीक) से मिली इस पहचान के बाद आज संकट के समय ममता दीदी को छोड़ना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने आसनसोल और बंगाल की जनता का आभार जताते हुए कहा कि वे हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबकी सेवा करते रहेंगे।
वहीं, इस राजनीतिक हलचल के बीच शत्रुघ्न सिन्हा के एक ट्वीट ने सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींचा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी है। शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा कि वे एक सच्चे खेल भावना (स्पोर्ट्समैन स्पिरिट) के साथ हमारे मित्र और समाज व राष्ट्र के मार्गदर्शक माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्यालय में 12 साल पूरे करने पर शुभकामनाएं देते हैं, जो कि संभवतः अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के दीर्घायु, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करते हुए 'जय हिंद' लिखा। उनका यह ट्वीट तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक संकट के बीच काफी चर्चा बटोर रहा है।



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