रानीगंज :- रानीगंज के ऐतिहासिक सियारसोल राजबाड़ी की प्रतिष्ठित रथ यात्रा और मेला- 2026 की तैयारियां अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। राजबाड़ी से निकलने वाले पारंपरिक पीतल के रथ की साफ-सफाई और उसकी भव्य सजावट का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रसिद्ध मेले के लिए दुकानें भी सजने लगी हैं। सियारसोल राजबाड़ी की इस रथ यात्रा का एक गौरवशाली और समृद्ध इतिहास रहा है। इस भव्य उत्सव की शुरुआत वर्ष 1835 में हुई थी। शुरुआत में यहां लकड़ी से निर्मित रथ निकालने का चलन था, लेकिन बाद में वर्ष 1923 से पीतल से बने रथ को निकालने की परंपरा शुरू हुई जो आज भी अनवरत जारी है।
मालिया मेमोरियल सोसायटी की 'श्री श्री दामोदर चंद्र रथ मेला कमेटी' के तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस बार की रथ यात्रा कई मायनों में बेहद खास और अलग होने जा रही है। इस वर्ष कमेटी की ओर से मेले में आने वाले दुकानदारों के लिए दुकानें पूरी तरह से निशुल्क रखने का बड़ा निर्णय लिया गया है, यानी उनसे किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
जानकारी के अनुसार, 'श्री श्री रथ यात्रा' का शुभारंभ गुरुवार, 16 जुलाई को होगा। इसके बाद, भगवान जगन्नाथ की वापसी की यात्रा यानी 'श्री श्री उल्टा रथ यात्रा' 24 जुलाई को आयोजित की जाएगी। वहीं, इस पावन अवसर पर लगने वाले भव्य मेले का आयोजन 16 जुलाई से लेकर 24 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। यह पूरा उत्सव बी.जी. पैलेस राजबाड़ी परिसर में संपन्न होगा। इस ऐतिहासिक रथ यात्रा और मेले का आनंद लेने के लिए न केवल रानीगंज बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आम लोग पहुंचते हैं, जिसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


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