यहां एक गाली पर लगते है 500 रुपया का जुर्माना, फाइन के इकट्ठे रुपये की होती है पार्टी

रानीगंज:  150 वर्षो प्राचीन शहर रानीगंज सभ्यता, संस्कृति, संस्कार और संपन्नता के लिए सदियों से जाना जाता है। कहते है इस शहर की एक विशेषता है कि कोई भी बेहतर काम न तो अर्थ की कमी के लिए रुकता है और न ही लोगों की दिलचस्पी के लिए रुकता है। लोग तन-मन-धन से अपना सहयोग देते है। यहीं कारण है रानीगंज का नाम सामने आते ही लोग सम्मान के साथ प्रसन्नचित होते है। रानीगंज शहर के एक से बढ़कर एक कारनामे के लिए जाना जाता है। फिर चाहे वो धार्मिक हो, संस्कृतिक हो या अस्तित्व से जुड़ा हो। ऐसा ही एक कारनामा रानीगंज शहर के प्रसिद्ध रोबिन सेन स्टेडियम की है। यहां पर रोज प्रातःभ्रमण करने आने वाले 26 सदस्सीय एक माॅर्निंग वाॅकर्स फैमिली दल शारिरीक चर्चा के साथ-साथ अपने दल में सभ्यता और संस्कृति बनी रहे, इस पर भी कड़े नियम-कानून लागू करते है। माॅर्निंग वाॅकर्स फैमिली के सदस्यों का कहना है कि हम जब तक मैदान में रहे, तब तक शारिरीक चर्चा के साथ-साथ संस्कृति और अपनी सभ्यता को भी बनाए रखे। माॅर्निंग वाॅकर्स फैमिली द्वारा लागू अपने सदस्यों के बीच शर्तो को नहीं मानने पर फाइन भी लगते है। इनकी सदस्यता पाने के लिए महीनों प्रतिक्षा करनी पड़ती है। सभी सदस्य आपके व्यवहार और आपकी नियमितता से संतुष्ट होंगे, तभी आपकों माॅर्निंग वाॅकर्स फैमिली का सदस्य बनाया जाएगा। इनमें एक कड़ा नियम यह भी है अगर आप माॅर्निंग अड्डा के दौरान आपके जुबान से गाली निकलती है तो 500 रुपया फाइन लगता है। एक गोली पर 500 रुपया, दो गाली पर 1 हजार, अधिकतम एक दिन में लगते है और गाली देने पर पैसा देना अनिवार्य होता है। माॅर्निंग वाॅकर्स फैमिली के अध्यक्ष शरद भरतिया ने कहा कि अभद्र भाषा या गाली पर पूरी पाबंदी लगायी गयी है। क्योंकि भले ही आप किसी को मजाक में गाली दिए हो, परन्तु सामने वाला इसे किस रुप में लेता है, यह महत्वपूर्ण है। इसीलिए अपने टीम की एकता बनी रहे और किसी के मन में गोली देने पर ठेस न पहुंचे, इसके लिए कड़ा प्रावधान करते हुए प्रति गाली 500 रुपया का जुर्माना लगता है। वरिष्ठ सदस्य राम अवतार खण्डेलवाल ने कहा कि आसनसोल-दुर्गापुर शिल्पांचल में शायद ही किसी माॅर्निंग वाॅकर अड्डा में गाली देने पर जुर्माना का प्रावधान है। केवल प्रावधान ही नहीं आपको हर हाल में जुर्माना अदा करनी पड़ेगी। अन्य वरिष्ठ सदस्य उमेश डोकानिया ने कहा कि बतौर जुर्माने के रुप में इकट्ठा किए गए पैसे की सदस्यों के बीच पार्टी होती है और हमारे माॅर्निंग वाॅकर्स फैमिली के सदस्य इस पार्टी का भरपुर आनंद उठाते है। अधिकतर यह जुर्माना भूल से ही गाली जुबां से निकलने पर लगती है। क्योंकि कई लोगो का बात करते-करते गाली देना इनका तकिया कलाम बन जाता है। ऐसे लोग भी माॅर्निंग वाॅकर अड्डा के दौरान काफी सतर्क हो जाते है और उनकी भी चेष्टा रहती है कि भूल से भी गाली न निकले। क्योंकि एक गाली माने 500 रुपया का जुर्माना। वहीं अन्य एक वरिष्ठ सदस्य पवन केजरीवाल का कहना है कि जुर्माना तो एक बहाना है, असल में अपनी संस्कृति, सभ्यता और अड्डा का महौल एक गाली की वजह से न बिगड़े, इसलिए इस पर कड़े नियम बनाए गए।

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