कोलकाता:- सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से सामने आई है। आरोप है कि एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से दी गई वैध और सीलबंद सिरप की बोतल में दवा की जगह एसिड भरा था। इस कथित लापरवाही का शिकार डेढ़ साल की मासूम अनूता दास बनी, अनूता के सिरप पीते ही मुंह बुरी तरह झुलस गया। परिजनों के मुताबिक उस बच्ची को 8 जुलाई को सर्दी और डायरिया की शिकायत पर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने यह सिरप दिया था। रविवार सुबह जब बच्ची की तबीयत फिर बिगड़ी तो उसकी मां ने वही दवा पिलाई, लेकिन दवा मुंह में जाते ही बच्ची जोर-जोर से रोने लगी और उसका मुंह अंदर से झुलस गया। परिजनों का आरोप है कि बोतल से तेज एसिड जैसी गंध आ रही थी। बच्ची को पहले स्थानीय अस्पताल, फिर जिला अस्पताल और उसके बाद जे एन एम अस्पताल रेफर किया गया।
बाद में गंभीर हालत को देखते हुए उसे राणाघाट के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। रविवार शाम विष्णुपुर इलाके में स्थानीय लोगों ने कृष्णनगर-नवदीप राज्य सड़क जाम कर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे नदिया और पूर्व बर्धमान को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी रंजित कुमार दास ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित बैच की दवा के सैंपल लैब जांच के लिए भेजे जा रहे हैं और यह भी जांच होगी कि उसी बैच की दवा लेने वाले अन्य मरीजों पर कोई असर क्यों नहीं पड़ा। उधर, स्थानीय लोगों ने दोषी स्वास्थ्य कर्मियों और दवा सप्लायर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना सरकारी अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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