अवैध कोयला खनन-तस्करी पर CISF की बड़ी कार्रवाई, 428 मीट्रिक टन से अधिक अवैध कोयला बरामद

आसनसोल/धनबाद :- भारत सरकार की 'जीरो कोल लीकेज' (Zero Coal Leakage) पहल को एक बड़ी कामयाबी मिली है। इसके तहत CISF ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन, चोरी, अनधिकृत भंडारण और परिवहन के खिलाफ एमएमडीआर (MMDR) अधिनियम, 1957 के तहत अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एक सुनियोजित और खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान के दौरान CISF ने स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और कोल इंडिया की सहायक कंपनियों के साथ मिलकर काम किया। इस संयुक्त कार्रवाई में 428 मीट्रिक टन से अधिक अवैध रूप से खनन किया गया, संग्रहीत और परिवहन किया जा रहा कोयला बरामद किया गया है। इसके साथ ही इस मामले में 4 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं और अवैध गतिविधियों में शामिल वाहनों व उपकरणों को भी जब्त कर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


यह व्यापक अभियान बीसीसीएल (BCCL), ईसीएल (ECL) और सीसीएल (CCL) के क्षेत्रों में चलाया गया, जिसमें मानवीय खुफिया तंत्र के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया गया। CISF ने इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए ड्रोन निगरानी, औचक निरीक्षण और पारगमन मार्गों (ट्रांजिट रूट) की सघन मॉनिटरिंग का उपयोग किया। इस पूरी कवायद का उद्देश्य कोयला खदानों में पारदर्शिता को मजबूत करना और देश के मूल्यवान खनिज संसाधनों की रक्षा करना है। CISF ने देश की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार के प्रयासों को समर्थन देने और अवैध खनन पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस तरह के सक्रिय प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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