ED की बड़ी कार्रवाई, TMC के 3 बैंक अकाउंट से 440 करोड़ रुपये फ्रीज

कोलकाता (राम बाबू यादव) :- प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत कोलकाता और उसके आसपास के पांच परिसरों पर एक बड़ी तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई उड्डयन (एविएशन) क्षेत्र में काम करने वाली 'केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज' से जुड़े ठिकानों पर की गई है। इस छापेमारी के दौरान ईडी ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) के 3 एचडीएफसी बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को पीएमएलए की धारा 17 (1-ए) के तहत फ्रीज कर दिया है।

यह पूरी कार्रवाई पश्चिम बंगाल के बिधाननगर साइबर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर शुरू की गई पीएमएलए जांच से जुड़ी है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के कुछ बैंक खातों के माध्यम से कथित तौर पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, अवैध रूप से धन इकट्ठा करने और संदिग्ध फंडों की हेराफेरी करने के आरोप हैं।


जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच एआईटीसी के बैंक खातों से लगभग 160 करोड़ रुपये मेसर्स केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी संस्थाओं को ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद, केयरवेल एविएशन ने वर्ष 2023-2026 के दौरान एक एम्ब्रेयर लिगेसी 600 विमान और एक अगस्टा 109 ग्रैंड न्यू चॉपर (हेलिकॉप्टर) खरीदने के लिए अपनी एक नई सहयोगी कंपनी को 82.96 करोड़ रुपये भेजे। इन दोनों की खरीद के लिए कुल 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें से हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए वर्ष 2023 में केमैन आइलैंड्स स्थित एक इकाई से अनसिक्योर्ड लोन के रूप में 17 लाख अमेरिकी डॉलर का इंतजाम किया गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि टीएमसी के फंड से खरीदे जाने के बावजूद इन विमानों को बाद में खुद टीएमसी को ही किराए पर दे दिया गया और विमान के इस्तेमाल के बहाने मोटी रकम ट्रांसफर की गई। केंद्रीय एजेंसी इस संदिग्ध लेन-देन के वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।

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