Raniganj में महापंडित राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा छतिग्रस्त किए जाने के खिलाफ वामपंथियों का जुलूस

रानीगंज :- लेखक, विद्वान और महापंडित राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा रहस्यमय तरीके से क्षतिग्रस्त कर गायब किए जाने के विरोध में गुरुवार की शाम रानीगंज में वामपंथी संगठनों द्वारा प्रतिवाद जुलूस निकाला गया। जनवादी लेखक संघ और गणतांत्रिक लेखक शिल्पी संघ सहित अन्य वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस घटना का कड़ा विरोध किया। जुलूस में शामिल माकपा नेता सुप्रियो राय, पार्षद नारायण बाउरी और हेमंत प्रभाकर समेत अन्य नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और ठीक उसी स्थान पर राहुल सांकृत्यायन की नई मूर्ति स्थापित करने की मांग की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रानीगंज शहर के पंजाबी मोड़ स्थित 19 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास वर्ष 1993 में राहुल सांकृत्यायन की जन्मशताब्दी पर स्थापित 9 फीट ऊंची प्रतिमा गत 13 जुलाई की रात गायब कर दी गई थी। उपद्रवियों ने इलाके की स्ट्रीट लाइटें और सीसीटीवी बंद कर 20 फीट ऊंचे मंच को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था, जिसके बाद से ही वामपंथी संगठन लगातार आंदोलनरत हैं।


दूसरी ओर, 'कल्चरल लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल' के अध्यक्ष व पांडवेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी ने कहा कि रानीगंज के विधायक पार्थ घोष की पहल पर फोरम ने राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा को पुनः स्थापित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रातों-रात प्रतिमा गायब हो सकती है, लेकिन महापंडित का ऐतिहासिक योगदान कभी समाप्त नहीं किया जा सकता। इस घोषणा से सांस्कृतिक जगत ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस-प्रशासन से दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।

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