राज्य में 16वीं जनगणना की शुरुआत, CM शुभेंदु अधिकारी ने 'डिजिटल सेल्फ एन्यूमरेशन' कर किया शुभारंभ

कोलकाता :- पश्चिम बंगाल में 16वीं जनगणना (आदमसुमारी) का कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। इस बार जनगणना की प्रक्रिया बेहद खास है, क्योंकि भारत में पहली बार डिजिटल पद्धति के माध्यम से 'सेल्फ एन्यूमरेशन' (स्व-गणना) की सुविधा दी जा रही है। शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबन्ना से खुद ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना पूरी की और इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने देशवासियों को आश्वासन देते हुए कहा कि डिजिटल प्रणाली में किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी लीक नहीं होगी और सभी आंकड़े पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि इस बार की जनगणना में दो महत्वपूर्ण पहलू हैं—एक तो यह पूरी तरह डिजिटल है और दूसरा लोगों को स्व-गणना का अवसर मिल रहा है। उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों से जनगणना कार्यकर्ताओं का सहयोग करने की अपील की। 


मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कार्य के लिए राज्य में 3,400 सुपरवाइजरों और कुल 14,399 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। उन्होंने आम जनता से खुद आगे बढ़कर फॉर्म भरने का आग्रह किया और कहा कि जन कल्याण तथा 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह आधुनिक जनगणना अत्यंत आवश्यक है। स्वतंत्र भारत की इस 8वीं जनगणना का पहला चरण यानी 'स्व-गणना' 15 अगस्त तक चलेगा। इसके लिए नागरिक जनगणना के आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर महज 10 मिनट में आसानी से 34 प्रश्नों का उत्तर देकर अपना फॉर्म भर सकते हैं। इसके बाद 16 अगस्त से 14 सितंबर तक सरकारी कर्मचारी कोलकाता सहित सभी जिलों में घर-घर जाकर 'फील्ड-एन्यूमरेशन' का सत्यापन करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण, जिसमें लिंग-आधारित आंकड़े जुटाए जाएंगे, 28 फरवरी 2027 तक चलेगा।

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