रानीगंज:प्राचीन शहर रानीगंज में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए *NH-19 से साहेबगंज मोड़ तक बाइपास* का निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। करीब *450 करोड़ रुपये की लागत* से बन रही इस सड़क को चौड़ा करने के लिए जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। इसी अधिग्रहण को लेकर सोमवार दोपहर साहेबगंज इलाके में हुई बुलडोजर कार्रवाई से इलाके में भारी आक्रोश और हड़कंप मच गया।प्रशासन का दावा है कि पहले ही *Notice और मुआवजा* दिया जा चुका था। इसके बावजूद जमीन खाली न करने पर मजबूरन कड़ा कदम उठाना पड़ा। सोमवार को भारी पुलिस बल के साथ बाइपास किनारे बने एक मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, रेल लाइन और बाइपास विस्तार के लिए बहुत पहले ही इस इलाके की बड़ी जमीन का अधिग्रहण किया गया है। ज्यादातर मालिक मुआवजा लेकर हट गए, लेकिन कुछ लोग अब भी जमीन पर डटे हुए थे। बार-बार Notice देने के बाद भी जमीन खाली न करने पर यह Action लिया गया।इस अभियान में *आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के रानीगंज थाने बड़ी संख्या पुलिस फोर्स, अला अधिकारी और रेलवे की तरफ से भी Central Force* मौजूद थी।
वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों के आरोप अलग हैं। उनका कहना है कि *National Highway Authority (NHAI)* ने पहले ही सर्वे करके एक बार जमीन और मकान का हिस्सा तोड़ दिया था। अब फिर से उसी हिस्से से ज्यादा जमीन लेने के लिए घर तोड़ने आने से वे नाराज हैं।
एक निवासी ने कहा, _"जितनी जरूरत है, उतनी एक बार में ही चिन्हित करके मुआवजा दे दें। बार-बार आकर तोड़फोड़ करना बर्दाश्त नहीं होगा।"_ कई लोगों का आरोप है कि उन्हें पूरा मुआवजा भी नहीं मिला है।
*विकास बनाम विरोध -*
प्रशासन के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र की Connectivity सुधारने, जाम कम करने और माल ढुलाई तेज करने के लिए यह बाइपास और रेल विस्तार बेहद जरूरी है। इसलिए विकास के हित में यह कदम उठाया गया है। हालांकि बार-बार सर्वे और तोड़फोड़ के आरोपों से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात है।

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