BJP के जिलाध्यक्ष देवतानु भट्टाचार्य ने भारत विकास परिषद के सेवामूलक कार्यों की जमकर प्रशंसा की

रानीगंज: सोमवार को रानीगंज शहर के विवेकानंद सेवा केन्द्र में असहाय विधवा माताओं के बीच राशन वितरण किया गया। भारत विकास परिषद की रानीगंज शाखा के तत्वावधान में प्रत्येक महीने असहाय विधवा माताओं के बीच राशन एवं अन्य जरूरत की सामग्री निशुल्क दी जाती है। पिछले एक दशक से यह सेवा भारत विकास परिषद की रानीगंज शाखा विधवा माताओं को प्रदान करते आ रही है। भारत विकास परिषद रानीगंज शाखा के अध्यक्ष प्रदीप बाजोरिया ने कहा कि विवेकानंद सेवा के संयुक्त प्रयास से पहले असहाय एवं जरूरतमंद विधवा माताओं को चिन्हित किया जाता है। इसके पश्चात इनके जीवन में राशन-पानी के साथ-साथ दवा-पानी को लेकर कोई दिक्कत न हो, इसलिए भारत विकास परिषद हमेशा अग्रसर भूमिका अदा करती आ रही है। इसदिन हर महीने की तरह विधवा माताओं को विवेकानंद सेवा केन्द्र बुलाकर राशन प्रदान किया गया।

इस मौके पर बीजेपी के आसनसोल सांगठनिक जिलाध्यक्ष देवतानु भट्टाचार्य, आसनसोल रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी सोमात्मानंद जी महाराज, बीजेपी नेता तुषार कांति बनर्जी, मनोज ओझा, दिनेश सोनी, जामुड़िया के चेम्बर आॅफ काॅमर्स की ओर से अजय खेतान, पवन बाजोरिया, रानीगंज चेम्बर आॅफ काॅमर्स के कोषाध्यक्ष राजेश गनेरीवाल, रानीगंज चेम्बर आॅफ कामर्स के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज केसरी, पूर्व सचिव अरुणामय कुण्डू समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। बीजेपी के जिलाध्यक्ष देवतानु भट्टाचार्य ने भारत विकास परिषद के इस प्रयास की सराहना की। देवतानु भट्टाचार्य ने कहा कि राजनीतिक जीवन में हमेशा पर निंदा-पर चर्चा होती है, हमेशा कूटनीतिक स्थिति रहती है। दिल मैला हो जाता है। ऐसे में इस तरह के आयोजन में शामिल होकर दिल में जमे मैल निकल जाती है। हमारा देश अद्भुत देश है। ऐसा देश पूरा ब्रह्मांड में नहीं मिलेगा। हम ईश्वर के ही विभिन्न रुप है, कोई सेवा करता है और कोई सेवा लेता है। सेवा की भावना से ही रामकृष्ण मिशन जैसे बृहत्तम प्रतिष्ठान हमारे देश में मौजुद है।

भारत विकास परिषद रानीगंज शाखा के अध्यक्ष प्रदीप बाजोरिया ने कहा कि इसदिन 50 विधवा माताओं को राशन सामग्री प्रदान की गयी। भारत विकास परिषद सेवा के हर कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है। इसी का एक छोटा सा पार्ट है असहाय विधवा माताओं को प्रत्येक महीने निःशुल्क राशन सामग्री प्रदान करना।

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