बीरभूम :- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कौशिकी अमावस्या से पहले ऐतिहासिक तारापीठ मंदिर पहुंचकर मां तारा के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की। सिर पर पूजा की डलिया उठाए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते हुए मुख्यमंत्री का एक अलग रूप देखने को मिला। उन्होंने मां तारा को लाल बनारसी साड़ी अर्पित की और कमल तथा अपराजिता के फूलों की माला पहनाकर भक्तिभाव से आरती उतारी। पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने पुष्पांजलि अर्पित कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। कौशिकी अमावस्या के पावन अवसर से ठीक पहले मंदिर में भारी भीड़ और भव्य तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद खास और राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कहा कि मां तारा के आशीर्वाद से ही राज्य में नई सरकार का गठन हुआ है। उन्होंने संकल्प जताते हुए कहा कि वे मां तारा की पावन भूमि और कवींद्र रवींद्रनाथ टैगोर की महान संस्कृति एवं विरासत वाले बीरभूम का पुनर्निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद से वे कालीघाट समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके थे और तारापीठ आना बाकी था, जिसे आज उन्होंने पूरा किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार का रवैया हर विकास कार्य पर नकारात्मक था, जबकि वर्तमान सरकार हर सकारात्मक काम को 'हां' की नीति के साथ आगे बढ़ा रही है। देउचा पचामी परियोजना पर बोलते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र में सभी रुके हुए काम अब तेजी से पूरे किए जाएंगे।




0 Comments